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Tata Group Layoff: टाटा स्टील में 3000 कर्मचारियों की होगी छंटनी, कंपनी बंद करेगी यह बिजनेस

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jan 19, 2024, 11:52 AM IST

Tata Group Layoff: टाटा स्टील यूनाइटेड किंगडम (UK) के वेल्स में स्थित पोर्ट टालबोट स्टील वर्क्स में ब्लास्ट फर्नेस बंद करेगी। अभी कंपनी ने इसे लेकर जानकारी नहीं दी है। टाटा एग्जेक्यूटिव्स ने लंदन के ताज होटल में ट्रेड यूनियन्स के साथ मुलाकात के बाद इसे बंद करने का फैसला किया है।

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टाटा स्टील

Photo : Twitter

Tata Group Layoff: टाटा ग्रुप (Tata Group) की कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) ब्रिटेन के अपने एक कारोबार को बंद करने वाली है। यह कारोबार बंद होने से 3 हजार कर्मचारियों की नौकरी जाने वाली है। बीबीसी के मुताबिक टाटा स्टील यूनाइटेड किंगडम (UK) के वेल्स में स्थित पोर्ट टालबोट स्टील वर्क्स में ब्लास्ट फर्नेस बंद करेगी। अभी कंपनी ने इसे लेकर जानकारी नहीं दी है। टाटा एग्जेक्यूटिव्स ने लंदन के ताज होटल में ट्रेड यूनियन्स के साथ मुलाकात के बाद इसे बंद करने का फैसला किया है।

Tata Steel का क्या है कहना

इस ब्लास्ट फर्नेस को बंद करने की बजाय इसे चालू रखने का जो प्रस्ताव ट्रेड यूनियन ने रखा था, उसे टाटा स्टील ने खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेड यूनियन ने ब्लास्ट फर्नेस के बंद करने की बजाय इसे रखते हुए धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक आर्क की तरफ शिफ्ट होने का प्रस्ताव रखा था। कॉर्बन उत्सर्जन कम करने के लिए ग्रीनर स्टील प्रोडक्ट्स बनाने की योजना है और इसके लिए इलेक्ट्रिक आर्क की तरफ शिफ्ट होना है। यूनियन के मुताबिक ब्लास्ट फर्नेस को इस ट्रांजिशन पीरियड को साल 2032 तक रखा जाए।

ऐसा करने वाला यूके बन सकता है G20 का पहला देश

यूके सरकार ने पिछले साल सितंबर में टाटा स्टील के साथ 125 करोड़ पौंड (10.4 हजार करोड़ रुपये) के ज्वाइंट इनवेस्टमेंट पैकेज का एलान किया था। इसमें पोर्ट टैलबोट भट्ठियों में ऑपरेशंस को सेफ करने के लिए एक बड़ा अनुदान शामिल था। खास बात ये है कि टाटा स्टील का यूके वर्टिकल पिछले कुछ तिमाहियों से घाटे का सौदा साबित हुआ है। पोर्ट टालबोट यूनिट्स से जुड़े भारी-भरकम इंपेयरमेंट चार्जेज के चलते जुलाई-सितंबर 2023 में इसे 6511 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

पोर्ट टालबोट की भट्ठी बंद होने के बाद यूके में सिर्फ स्कंटहोर्पे (Scunthorpe) में ही इसकी भट्ठी रह जाएगी। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह भी बंद हो सकती है और ऐसा होता है तो G20 देशों में यूके इकलौता देश हो जाएगा जो कच्चे माल से स्टील नहीं बना सकता।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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