NCLT में अटकी समाधान योजनाओं पर उच्चतम न्यायालय का बड़ा कदम, खुद शुरू की सुनवाई

शीर्ष अदालत में एनसीएलटी की प्रधान पीठ की तरफ से रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में 383 आवेदन समाधान योजनाओं की मंजूरी के लिए लंबित हैं, जिनमें देरी एक महीने से लेकर 700 दिनों से अधिक तक की है।

उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) में समाधान योजनाओं को मंजूरी देने में हो रही देरी पर खुद से संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस स्थिति को “गंभीर” बताया है और कहा है कि अगर इस समस्या का जल्दी और गंभीरता से समाधान नहीं किया गया, तो दिवाला कानून (Insolvency Law) का पूरा उद्देश्य ही खत्म हो सकता है।

Supreme Court (1)

उच्चतम न्यायालय।

न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने बुधवार को यह भी कहा कि देशभर की NCLT पीठों में कर्मचारियों और जरूरी सुविधाओं की कमी है। इसके साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले को मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत के सामने रखा जाए, ताकि इसे सही पीठ को सुनवाई के लिए सौंपा जा सके।

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