सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय: बचपन में मां-बाप ने बेच दी प्रॉपर्टी, बालिग होते ही रद्द कर सकते हैं ये फैसला, जानिए डिटेल

Property News: सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों की संपत्ति से जुड़े मामलों पर ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति की संपत्ति उसके गार्जियन ने बिना अदालत की अनुमति के बेची है, तो बालिग होने पर वह व्यक्ति बिना कोई मुकदमा दायर किए भी अपने स्पष्ट व्यवहार से उस बिक्री को रद्द कर सकता है।

Property News : सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिगों से जुड़े प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन पर एक अहम फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने इस ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति की संपत्ति को अगर उसके गार्जियन ने कोर्ट की अनुमति के बिना बेचा है, तो बालिग होने पर वह व्यक्ति बिना मुकदमा दायर किए भी उस बिक्री को रद्द कर सकता है। यानी 18 साल से कम उम्र के लोग बालिग होने पर कोर्ट की मंजूरी के बिना अपने नेचुरल गार्जियन द्वारा किए गए प्रॉपर्टी ट्रांसफर को रद्द करने के लिए केस करने के लिए मजबूर नहीं हैं। 7 अक्टूबर 2025 को दिए गए एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नाबालिग, बालिग होने पर साफ और बिना किसी शक वाले व्यवहार से प्रॉपर्टी के ट्रांसफर को रद्द कर सकते हैं जैसे कि उसे खुद से बेचना या ट्रांसफर करना। यह फैसला जस्टिस पंकज मिथल और प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने के एस शिवप्पा बनाम श्रीमती के नीलमम्मा के मामले में सुनाया।

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बालिग होते ही नाबालिग के हाथ में कानून की ताकत: सुप्रीम कोर्ट ने दिया गार्जियन की बिक्री रद्द करने का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने यह फैसला के एस शिवप्पा बनाम श्रीमती के नीलमम्मा केस में सुनाया। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग, बालिग होने पर, या तो मुकदमा दायर करके या फिर अपने साफ और स्पष्ट व्यवहार से जैसे कि उसी संपत्ति को खुद बेचकर ऐसे ट्रांजैक्शन को रद्द कर सकता है।

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