Sugar Production:भारत का चीनी उत्पादन अक्टूबर, 2023 में शुरू हुए चालू मार्केटिंग वर्ष में 15 मार्च तक मामूली गिरावट के साथ 280.79 लाख टन रह गया है। पिछले साल इसी तारीख में यह आंकड़ा 282.60 लाख टन रहा था। इस साल 15 मार्च तक देश चालू शुगर मिल की संख्या 371 थी, जबकि पिछले साल इस अवधि में 325 मिलें ऑपरेशनल थी। इसके बावजूद चीनी उत्पादन पिछले साल की तुलना में कम रहा है। चीनी उत्पादन में आई गिरावट की प्रमुख वजह महाराष्ट्र और कर्नाटक में उत्पादन कम रहना है।चीनी मार्केटिंग वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है।
चीनी उप्तादन गिरा
किस राज्य में कितना चीनी उत्पादन
भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने बयान में कहा है कि मौजूदा 2023-24 सत्र में 15 मार्च, 2024 तक चीनी का उत्पादन 280.79 लाख टन पर पहुंच गया। पिछले साल इसी तारीख में यह आंकड़ा 282.60 लाख टन रहा था।इस साल 15 मार्च को चालू शुगर मिल की संख्या 371 थी, जबकि पिछले साल इसी दिन 325 मिलें ऑपरेशनल थीं।उत्तर प्रदेश में समीक्षाधीन अवधि में चीनी का उत्पादन पूर्व के 79.63 लाख टन के मुकाबले 88.40 लाख टन हुआ।महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन 101.92 लाख टन से मामूली गिरावट के साथ 100.50 लाख टन रह गया, जबकि कर्नाटक में यह 53.50 लाख टन से घटकर 47.55 लाख टन रह गया।
एथनॉल का कितना उत्पादन
हाल ही में, इस्मा ने गन्ना रस एवं बी-भारी शीरा के माध्यम से एथनॉल उत्पादन के लिए 17 लाख टन के ‘डायवर्जन’ के बाद मार्केटिंग वर्ष 2023-24 के लिए लगभग 323 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया है। मार्केटिंग वर्ष 2022-23 के दौरान गन्ना रस और बी-भारी शीरे से एथनॉल बनाने के लिए 38 लाख टन चीनी के उपयोग के साथ शुद्ध चीनी उत्पादन 328.2 लाख टन रहा।पिछले सप्ताह इस्मा ने सितंबर में समाप्त होने वाले मार्केटिंग वर्ष में चीनी के सकल उत्पादन के अपने अनुमान को 9.5 लाख टन बढ़ाकर 340 लाख टन कर दिया।पिछले वर्ष सकल चीनी उत्पादन 366.2 लाख टन था।जनवरी में, इस्मा ने मार्केटिंग वर्ष 2023-24 में एथनॉल के लिए किसी भी तरह के स्थानांतरण के बिना कुल चीनी उत्पादन 330.5 लाख टन रहने का अनुमान लगाया था।
