Success Story of Farmer: देश के अलग-अलग राज्यों में कई किसान ऐसे हैं, जिन्होंने खेती में अलग पहचान बनाई है। इनमें सीतामढ़ी (बिहार) के गणेश महतो शामिल है। वे अच्छे उत्पादन के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल सबसे पहले करने वालों में शामिल हैं। उनके दो बेटे चंदन और सुंदर भी खेती में उनकी मदद करते हैं। इनमें छोटे बेटे सुंदर ने पिता से सब्जी की खेती में हाथ आजमाने की इच्छा जाहिर की थी। तब गणेश अपने छोटे बेटे को लेकर मुंबई और मध्य प्रदेश गए और उसे खेती के बारे में सीखने के लिए प्रेरित किया।
किसान की सफलता की कहानी
खेती के बारे में सीखना जरूरी
एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार सुंदर से उसके पिता ने कहा था कि पहले खेती के बारे में जानना-सीखना जरूरी है। ताकि ये समझ आए कि कितने खर्च और मेहनत में कितनी कमाई की जा सकती है। सुंदर मध्य प्रदेश में मैचिंग और नेट पर सब्जी उगाना सीखे। मुंबई में भी उन्होंने कई नए गुण सीख लिए।
क्या है मैचिंग की खेती
वापस लौटकर सुंदर ने यूट्यूब पर मैचिंग की खेती के तरीके के बारे में जानकारी जुटाई। इसी तकनीक की मदद से वे लगातार आगे बढ़ते गए। पिता के साथ हाथ बंटाते हुए उन्होंने 'सुंदर फर्म' की शुरुआत की। पहले उन्होंने मैचिंग की खेती की शुरुआत 3 एकड़ में की थी, जिसे अब 4 एकड़ तक बढ़ा लिया है, जहां वे कई तरह की सब्जियां उगाते हैं।
बचत और कमाई
सुंदर के मुताबिक सब्जी की खेती में 50 फीसदी तक की बचत होती है। वहीं यदि सब्जियों के रेट में तेजी रहे तो प्रॉफिट बढ़ सकता है। अब सुंदर और उनके पिता की सालाना कमाई करीब 7 से 10 लाख रु तक है।
