स्टॉक सस्ता या महंगा? PE रेशियो से समझें सही वैल्यूएशन का पूरा गणित, निवेश पर मिलेगा तगड़ा रिटर्न

PE रेश्यो एक निवेशक के लिए वैल्यू चेन में स्टॉक की स्थिति की जांच करने का एक असरदार तरीका है। PE रेश्यो न केवल निवेशक को सही स्टॉक चुनने में मदद करता है बल्कि उनके सही रिटर्न दिलाने में भी मददगार होता है।

हाल के कुछ सालों में शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसमें सबसे अधिक युवा निवेशक हैं। हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, सीधे स्टॉक में निवेश करने वाले बहुत सारे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपके लिए सही स्टॉक चुनने का फॉर्मूला जानना बहुत जरूरी है। स्टॉक चुनने में सबसे जरूरी है कि आप जब स्टॉक खरीद रहे हैं तो वह सस्ता या महंगा? अगर सस्ता होगा तो चलने की उम्मीद अधिक होगी। वहीं, महंगा होने पर गिरावट आने की आशंका ज्यादा होती है। अब सवाल उठता है कि आप स्टॉक सस्ता है या महंगा, इसका आकलन कैसे कर सकते हैं? इसके लिए आपको PE रेश्यो जानना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह कैसे काम करता है और आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं।

PE Ratio

PE रेशियो

PE रेश्यो क्या होता है?

PE वैल्यू किसी स्टॉक के मौजूदा मार्केट प्राइस को उसकी अर्निंग्स पर शेयर (EPS) से डिवाइड करके मिलती है। इसका एक उदाहरण यह है कि अगर किसी कंपनी का स्टॉक प्राइस ₹100 है और फाइनेंशियल ईयर के लिए उसकी अर्निंग्स पर शेयर ₹10 है, तो PE रेश्यो 10 (100/10) होगा।

End of Feed