Gold And Silver Price Today In India (सोना का भाव आज का) 24 October 2025 : कुछ एक दिनों को छोड़ दें तो भारत में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। लेकिन हाल के दिनों में दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट के मुताबिक शुक्रवार को बाजार बंद होने तक 24 कैरेट सोने के दाम घटकर 1,21,518 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं चांदी की कीमत घटकर 1,47,033 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। उधर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर वायदा कारोबार में सोने के रेट में गिरावट हुई, यह घटकर 1,22,995 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी का वायदा भाव घटकर 1,45,829 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। अब नीचे IBJA के अनुसार 24 कैरेट, 23 कैरेट, 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट सोने के ताजा भाव जानिए।
सोना-चांदी का ताजा भाव जानिए (तस्वीर-istock)
आज का सोने-चांदी का भाव इस प्रकार है :- (Gold, Silver Rate Today in Hindi)
| शुद्धता | सुबह के रेट | दोपहर के रेट | शाम के रेट |
| सोना 24 कैरेट | 123354 रुपये प्रति 10 ग्राम | 122419 रुपये प्रति 10 ग्राम | 121518 रुपये प्रति 10 ग्राम |
| सोना 23 कैरेट | 122860 रुपये प्रति 10 ग्राम | 121929 रुपये प्रति 10 ग्राम | 121031 रुपये प्रति 10 ग्राम |
| सोना 22 कैरेट | 112992 रुपये प्रति 10 ग्राम | 112136 रुपये प्रति 10 ग्राम | 111310 रुपये प्रति 10 ग्राम |
| सोना 18 कैरेट | 92516 रुपये प्रति 10 ग्राम | 91814 रुपये प्रति 10 ग्राम | 91139 रुपये प्रति 10 ग्राम |
| सोना 14 कैरेट | 72162 रुपये प्रति 10 ग्राम | 71615 रुपये प्रति 10 ग्राम | 71088 रुपये प्रति 10 ग्राम |
| चांदी 999 | 151450 रुपये प्रति किलोग्राम | 147750 रुपये प्रति किलोग्राम | 147033 रुपये प्रति किलोग्राम |
पिछले दिन क्या रहे सोना-चांदी के भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर गुरुवार को दिसंबर आपूर्ति वाला सोना 2,093 रुपये यानी 1.72 प्रतिशत बढ़कर 1,23,950 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। कारोबार के दौरान यह अनुबंध 1,24,233 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर चला गया था। वहीं दिसंबर आपूर्ति वाले चांदी वायदा का भाव भी 3,532 रुपये यानी 2.43 प्रतिशत बढ़कर 1,49,090 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। मार्च, 2026 का आपूर्ति अनुबंध 4,153 रुपये यानी 2.83 प्रतिशत बढ़कर 1,50,771 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
बुधवार को सोने का वायदा भाव 6,414 रुपये यानी पांच प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,21,857 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि चांदी 4,769 रुपये यानी 3.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,45,558 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली तेज होने से यह बड़ी गिरावट आई थी।
धनतेरस के पहले शुक्रवार को सोने और चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था। एमसीएक्स पर सोना 1,32,294 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,70,415 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी। सप्ताह की शुरुआत में सोना लगभग छह प्रतिशत गिर गया था जो एक दशक से भी अधिक समय में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी। दिवाली अवकाश के कारण बुधवार के पहले पहर में जिंस बाजार बंद रहे थे और शाम के समय कारोबार फिर से शुरू हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्या रहे सोना-चांदी के भाव
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर दिसंबर आपूर्ति वाले सोने के वायदा भाव 2.26 प्रतिशत बढ़कर 4,157.31 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि पिछले सत्र में इसमें 1.06 प्रतिशत की गिरावट आई थी। विदेशी बाजार में दिसंबर डिलिवरी वाले चांदी के वायदा भाव भी गुरुवार को लगभग तीन प्रतिशत बढ़कर 49.03 डॉलर प्रति औंस हो गए। पिछले सप्ताह चांदी 53.76 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर थी।
सोना-चांदी के वायदा कारोबार में क्यों लौटी तेजी
सप्ताह की शुरुआत में भारी बिकवाली के बाद सोने और चांदी के वायदा कारोबार में गुरुवार को तेजी लौट आई। इसकी वजह यह है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच कारोबारियों ने वैल्यू-आधारित खरीदारी की। विश्लेषकों के मुताबिक, लंबे समय से जारी अमेरिका-चीन व्यापार गतिरोध पर निवेशकों का मुख्य रूप से ध्यान बना हुआ है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अगले सप्ताह संभावित बैठक से पहले नए निर्यात प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सप्ताह की शुरुआत में भारी बिकवाली के बाद एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में सुधार हुआ। अधिक खरीद वाले स्तरों से भारी मुनाफावसूली होने और भारत एवं चीन के साथ अमेरिकी व्यापार वार्ता को लेकर उपजी नई उम्मीदों के कारण करीब पांच प्रतिशत की गिरावट कई महीनों की सबसे महत्वपूर्ण गिरावट में से एक है। त्रिवेदी ने कहा कि ट्रंप के बदलते नीतिगत विचारों से बनी अनिश्चितता के कारण मामूली उछाल आया क्योंकि निवेशक निचले स्तर पर फिर से निवेश करने की सोच रहे थे। अमेरिकी मुद्रास्फीति का आने वाला आंकड़ा निकट भविष्य की दिशा के लिए एक महत्वपूर्ण कारक होगा।
विश्लेषकों ने कहा कि यह तेज गिरावट अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वैश्विक जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार के साथ सुरक्षित निवेश की मांग में कमी आने का नतीजा है।
