इराया लाइफस्पेस (Eraaya Lifespaces) जो भारतीय स्टॉक मार्केट में एक मल्टीबैगर स्मॉल-कैप स्टॉक बन चुका है, एक कानूनी विवाद में फंस गया है। Vikas Lifecare ने Eraaya के खिलाफ USD 34.827 मिलियन की अदायगी न करने को लेकर आर्बिट्रेशन क्लॉज लागू कर दिया है।
34.8 मिलियन डॉलर के विवाद में बड़ा मोड़!
विकास लाइफकेयर (Vikas Lifecare) ने बीएसई को दी गई फाइलिंग में दावा किया कि उन्होंने Ebix Inc. के अधिग्रहण के लिए Eraaya की अगुवाई वाले कंसोर्टियम में यह राशि निवेश की थी।
Eraaya Lifespaces ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि, Ebix Inc. का अधिग्रहण 30 अगस्त 2024 को सफलतापूर्वक पूरा हुआ। Vikas Lifecare को भुगतान FCCB Issue की प्रक्रिया में देरी के कारण नहीं हो सका।
FCCB Issue से मिलने वाली USD 40 मिलियन की राशि अभी तक जारी नहीं हुई है। Eraaya ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इस विवाद को हल करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज विनोद गोयल को एकमात्र मध्यस्थ के रूप में स्वीकार कर लिया है।
स्टॉक मार्केट पर असर
शुक्रवार को Eraaya के शेयर पर बिकवाली का दबाव दिखा। सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तब निवेशकों की नजर इस विवाद पर टिकी रहेगी। अगर मामला लंबा खिंचता है, तो Eraaya के शेयर में और गिरावट देखी जा सकती है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
