Market Crash : हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। Sensex 1,300 अंक से ज्यादा टूटकर 76,015 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी करीब 360 अंक गिरकर 23,815 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 23,799 का लो बनाया, जबकि सेंसेक्स 75,957 तक फिसल गया। शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश हुई, लेकिन ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली बनी रही।
शेयर बाजार मे बड़ी गिरावट
बाजार में हुई भारी बिकवाली के चलते 6 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। शुक्रवार को क्लोजिंग के समय भारतीय बाजार में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,73,10,919.395 करोड़ रुपये रहा। वहीं, सोमवार को 4,67,39,754.37 करोड़ रुपये रही। इस तरह करीब 6 लाख करोड़ की गिरावट आई है।
निवेशकों की बढ़ी चिंता
सोमवार की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में कमजोरी केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला। बढ़ती अस्थिरता और ग्लोबल संकेतों की कमजोरी ने सेंटीमेंट को प्रभावित किया। विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में बाजार तेज तेजी के बाद ओवरबॉट जोन में पहुंच गया था, जिसके बाद मुनाफावसूली तेज हुई।
किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट?
सोमवार को रियल्टी, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। Realty Index करीब 2% टूटा। इसके अलावा Consumer Durables Index में 3% तक गिरावट देखने को मिली है। वहीं, Auto और PSU Bank शेयरों में भी भारी दबाव रहा। हालांकि IT सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और गिरावट सीमित रही।
गोल्ड और ज्वेलरी स्टॉक्स भी टूटे
बाजार की इस बड़ी गिरावट में गोल्ड और ज्वेलरी शेयर भी दबाव से नहीं बच सके। निवेशकों ने मुनाफावसूली करते हुए कई ज्वेलरी शेयरों में बिकवाली की। Kalyan Jewellers India Ltd, Senco Gold Ltd और Sky Gold Ltd जैसे शेयरों में 7% से 11% तक की गिरावट दर्ज की गई।
अब बाजार के लिए क्या अहम?
विशेषज्ञों के मुताबिक अब निफ्टी के लिए 23,700-23,750 का स्तर अहम सपोर्ट बन गया है। अगर बाजार इसके नीचे फिसलता है तो आने वाले दिनों में और दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं 24,000 का स्तर अब मजबूत रेजिस्टेंस बनता दिख रहा है। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, ग्लोबल मार्केट ट्रेंड और कच्चे तेल की चाल आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे।
बाजार में क्यों आई बड़ी गिरावट?
सोमवार को बाजार में ग्लोबल संकेत कमजोर रहे। इसके साथ ही निवेशकों ने हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली शुरू कर दी। इंडिया VIX में 10% से ज्यादा उछाल यह दिखाता है कि बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ गई है। India VIX 18.62 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता का संकेत माना जाता है। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव बढ़ा, जिससे व्यापक बाजार में कमजोरी और गहरी हो गई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विश्लेषकों के मुताबिक मौजूदा गिरावट को केवल घबराहट की बिकवाली नहीं माना जा सकता। बाजार में वैल्यूएशन काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके थे और अब निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में ग्लोबल संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। अगर India VIX ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।
