भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 के कारोबारी सत्र के दौरान भारी अनिश्चितता और दोहरी चाल देखने को मिली। बाजार के दोनों मुख्य बेंचमार्क सूचकांक, निफ्टी 50 (NIFTY 50) और बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX), पूरी तरह से अलग-अलग दिशाओं में कारोबार करते हुए नजर आए। एक ओर जहां निफ्टी 50 भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) और बिकवाली के दबाव में 140 अंक टूटा और लाल निशान में फिसल गया, वहीं दूसरी ओर बीएसई सेंसेक्स उपरी स्तरों से गिरने के बावजूद किसी तरह बढ़त बनाए रखकर 220 अंक उछलकर हरे निशान में टिकने में कामयाब रहा। बाजार के इस मिले-जुले रुख ने रिटेल निवेशकों को पूरी तरह से असमंजस में डाल दिया है।
जानिए बाजार की इस अनोखी चाल की क्या है वजह
निफ़्टी में गिरावट, सेंसेक्स में तेजी
विस्तार से आंकड़ों पर नजर डालें तो एनएसई निफ्टी 50 में सुबह से ही भारी गिरावट हावी रही। निफ्टी अपने पिछले बंद स्तर से टूटकर 0.68% यानी 167.95 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 24,606.35 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। हालांकि, कारोबारी सत्र की शुरुआत में निफ्टी 24,703.90 के उच्च स्तर पर खुला था, लेकिन बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि सूचकांक गिरकर दिन के निचले स्तर 24,589.85 तक पहुंच गया। आईटी, ऑटो और मेटल जैसे हैवीवेट शेयरों में आई बिकवाली ने निफ्टी पर दबाव बनाने का काम किया।
इसके विपरीत, बीएसई सेंसेक्स की शुरुआत काफी मजबूत रही और यह 79,132.97 पर खुला। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 79,143.15 का उच्चतम स्तर छुआ, हालांकि बाद में ऊपरी स्तरों पर आई बिकवाली के कारण यह अपने निचले स्तर 78,744.34 के पास भी गया। इसके बावजूद, सेंसेक्स 0.16% यानी 127.12 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 78,766.15 के स्तर पर खुद को हरे निशान में संभालने में सफल रहा। सेंसेक्स में बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों का सहारा मिलने से यह निफ्टी की तरह बड़ी गिरावट का शिकार होने से बच गया।
सोमवार को कैसा था बाजार का हाल?
मंगलवार को आई यह मुनाफावसूली सोमवार की रिकॉर्ड-तोड़ तेजी के ठीक बाद देखने को मिली है। इससे पिछले कारोबारी सत्र यानी सोमवार को शेयर बाजार में चौतरफा लिवाली दर्ज की गई थी, जहां निफ्टी 50 शानदार 1.60% (390.70 अंक) उछलकर 24,774.30 के अपने उच्च स्तर पर बंद हुआ था। उसी तरह, बीएसई सेंसेक्स भी 0.70% यानी 544.39 अंकों की जोरदार तेजी के साथ 78,639.03 पर बंद हुआ था। सोमवार को बनी इस मजबूत स्थिति के बाद निवेशकों ने मंगलवार को मुनाफा वसूलना बेहतर समझा, जिसके कारण निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को आई तेज बढ़त के बाद बाजार का थोड़ा सुस्ताना और मुनाफावसूली होना स्वाभाविक प्रक्रिया है। सेंसेक्स में तेजी और निफ्टी में गिरावट का यह अंतर सेक्टर-स्पेसिफिक एक्शन के कारण दिख रहा है। आने वाले दिनों में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक और वैश्विक संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई देगा। ऐसे माहौल में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे हड़बड़ी में कोई बड़ा फैसला लेने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस रखें।
