Shankh Airlines : शंख एयरलाइंस जनवरी के पहले पखवाड़े से अपनी उड़ान सेवाएं शुरू कर सकती है। कंपनी की शुरुआत तीन एयरबस विमानों के शुरुआती बेड़े से होगी। यह जानकारी कंपनी के चेयरमैन श्रवण कुमार विश्वकर्मा ने दी। शुरुआती दौर में शंख एयरलाइंस लखनऊ को दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य बड़े शहरों से जोड़ने पर ध्यान देगी। इसके साथ ही पहले चरण में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों के लिए भी उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
शंख एयरलाइंस जनवरी में शुरू कर सकती है उड़ानें (तस्वीर-x)
बेड़े में जल्द जुड़ेंगे और विमान
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक विश्वकर्मा ने बताया कि अगले एक से डेढ़ महीने में कंपनी अपने बेड़े में दो और विमान शामिल कर सकती है। फिलहाल बेड़े का आकार छोटा है, लेकिन धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर पूरे देश में सेवाएं देने की योजना है।
त्योहारों में टिकट महंगे नहीं होंगे
कंपनी ने कहा है कि त्योहारी सीजन में टिकट के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे। हालांकि, बिजनेस क्लास का किराया दूसरी एयरलाइंस की तुलना में थोड़ा ज्यादा हो सकता है। शंख एयरलाइंस युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
2028-29 तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की योजना
कंपनी का लक्ष्य भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करना भी है। चेयरमैन के अनुसार, वर्ष 2028 या 2029 तक शंख एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानें शुरू कर सकती है।
मध्यमवर्ग और पहली बार उड़ान भरने वालों पर जोर
शंख एयरलाइंस का मुख्य उद्देश्य मध्यमवर्गीय यात्रियों और पहली बार हवाई यात्रा करने वालों के लिए हवाई सफर को आसान बनाना है। विश्वकर्मा का कहना है कि हवाई यात्रा को विलासिता नहीं, बल्कि सामान्य परिवहन के साधन के रूप में देखा जाना चाहिए।
चार साल पहले आया था एयरलाइन शुरू करने का विचार
उन्होंने बताया कि एयरलाइन शुरू करने का विचार चार साल पहले आया था। इसके बाद उन्होंने एनओसी, नियमों और पूरी प्रक्रिया को समझना शुरू किया।
साधारण परिवार से कारोबारी बनने तक का सफर
श्रवण कुमार विश्वकर्मा एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उन्होंने ऑटो चलाया, छोटे व्यवसाय किए, जिनमें कई बार असफलता मिली। वर्ष 2014 में सीमेंट कारोबार से उन्हें सफलता मिली, इसके बाद उन्होंने टीएमटी स्टील, खनन और परिवहन क्षेत्र में कदम रखा।
400 से ज्यादा ट्रकों का बेड़ा
आज उनकी कंपनी के पास 400 से अधिक ट्रकों का बेड़ा है। उन्होंने कहा कि यह विकास धीरे-धीरे और सामान्य तरीके से हुआ, बिना किसी बड़ी योजना के।
मजबूत कैश फ्लो है एयरलाइंस की ताकत
विश्वकर्मा ने विमानन क्षेत्र को तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बताया। उनके अनुसार, इस सेक्टर की सबसे बड़ी ताकत मजबूत नकदी प्रवाह है।
‘शंख’ नाम के पीछे सांस्कृतिक जुड़ाव
एयरलाइन के नाम पर उन्होंने कहा कि उनकी ट्रेडिंग फर्म का नाम पहले से ‘शंख’ था, जिसका सांस्कृतिक महत्व है। इसी वजह से एयरलाइन का नाम भी शंख एयरलाइंस रखा गया।
वित्त पोषण की कोई समस्या नहीं
उन्होंने बताया कि एयरलाइन को उसकी मूल कंपनी का पूरा समर्थन मिल रहा है। विमान पट्टे पर लिए गए हैं और बाहरी कंपनियों से वित्त पोषण भी उपलब्ध है। फंडिंग को लेकर कोई परेशानी नहीं है।
