Seventy-hour work week labor laws violates Connection: कर्मचारियों के लिए 70 घंटे का कार्य सप्ताह लागू करने में एक समस्या है कि यह फैसला श्रम कानूनों का उल्लंघन करता है। नियोक्ताओं और कर्मचारियों को जोड़ने वाली कंपनी टीमलीज की उपाध्यक्ष और टीमलीज डिग्री अप्रेंटिसशिप की व्यवसाय प्रमुख धृति प्रसन्न महंत ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने कहा, ''अगर कोई (कार्यालय में) 70 घंटे बिता रहा है, तो वह नौ घंटे से अधिक काम कर रहा है। इसमें एक बुनियादी विसंगति यह है कि अगर आप एक कर्मचारी हैं तो श्रम कानून आपको नौ घंटे काम करने की अनुमति ही देता है।''
अगर आप एक कर्मचारी हैं तो श्रम कानून आपको नौ घंटे काम करने की अनुमति ही देता है।
इन्फोसिस के पूर्व सीईओ एन आर नारायण मूर्ति ने हाल ही में 70 घंटे के कार्य सप्ताह की वकालत की थी, जिस पर हर तरफ से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। महंत ने पीटीआई-भाषा से कहा कि अगर 70 घंटे का कार्य सप्ताह संभव हो गया, तो इससे रोजगार की लागत भी बढ़ जाएगी और कई जगहों पर ओवरटाइम के लिए भुगतान करने की अनुमति नहीं है।
उन्होंने बताया कि यह उद्यमियों और स्व-प्रेरित व्यक्तियों के लिए तो ठीक है, लेकिन श्रम कानूनों के अनुपालन मानदंडों के कारण इसे लागू नहीं किया जा सकता। नियुक्ति के रुझान पर उन्होंने कहा कि एआई (कृत्रिम मेधा), मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन में नौकरी की करीब 65 प्रतिशत मांग गैर-तकनीकी क्षेत्रों से आ रही है। ये मांग खासतौर से दूरसंचार, विमानन, खुदरा कारोबार, फिनटेक और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों से है।
