Senior Citizen FD Interest Rates : देश के कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आकर्षक ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं। 3 साल की अवधि और 3 करोड़ रुपये तक के निवेश पर सीनियर सिटीजन्स को 8% से लेकर 8.3% या उससे अधिक तक का सलाना ब्याज मिल रहा है। अगर आप भी अपने रिटायरमेंट फंड या बचत को सुरक्षित रखते हुए बेहतर रिटर्न पाना चाहते हैं, तो यह विकल्प आपके लिए एक अच्छा जरिया बन सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों को 3 साल की एफडी पर 8.3% तक रिटर्न, जानें किस बैंक में है फायदा
इन बैंकों में मिल रहा है 3 साल की एफडी पर शानदार ब्याज
वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3 साल की अवधि वाले फिक्स्ड डिपॉजिट पर Jana Small Finance Bank सबसे अधिक 8.3% तक का सालाना ब्याज दे रहा है। इसके अलावा Utkarsh Small Finance Bank भी 3 साल की एफडी पर 8% की दर से ब्याज की पेशकश कर रहा है। इन स्मॉल फाइनेंस बैंकों की ब्याज दरें सामान्य कमर्शियल बैंकों की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जमा पूंजी पर बेहतर मुनाफा मिल रहा है।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों में निवेश, कितना सुरक्षित है आपका पैसा?
सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाए तो स्मॉल फाइनेंस बैंकों में भी ग्राहकों की जमा राशि 'डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन' (DICGC) के तहत 5 लाख रुपये तक इंश्योर्ड होती है। हालांकि, वित्तीय एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्मॉल फाइनेंस बैंकों का बिजनेस मॉडल सामान्य कमर्शियल बैंकों से थोड़ा अलग और जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों में कुल निवेश (मूलधन और ब्याज मिलाकर) 5 लाख रुपये के दायरे में ही रखें, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
| बैंक का नाम | ब्याज दर (%) |
|---|---|
| AU स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.90% |
| इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.60% |
| ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक | 6.50% |
| जना स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.30% |
| शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.75% |
| स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.50% |
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.40% |
| उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.75% |
| उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.00% |
एफडी पर कब कटता है TDS? जानिए नियम
बैंक में एफडी रखने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस (TDS) के नियमों को जानना बेहद जरूरी है। अगर किसी बैंक में एक वित्तीय वर्ष में वरिष्ठ नागरिक का कुल ब्याज 1 लाख रुपये से अधिक हो जाता है, तो बैंक नियमानुसार TDS काटने के लिए बाध्य होते हैं। ध्यान दें कि TDS कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है; अगर आपकी कुल आय टैक्स योग्य सीमा से कम है, तो आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करके कटे हुए TDS का पूरा रिफंड वापस पा सकते हैं। इतना ही नहीं, समय पर रिफंड मिलने पर सरकार उस पर ब्याज भी देती है।
नए टैक्स शासन में 12 लाख रुपये तक की आय पर राहत
नए आयकर ढांचे (FY 2025-26) के तहत सेक्शन 87A में मिलने वाली टैक्स छूट के कारण 12 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले व्यक्तियों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है। हालांकि, बैंक आपकी व्यक्तिगत कुल आय या टैक्स देनदारी से अनजान होते हैं। इसलिए जैसे ही आपकी एफडी का सालाना ब्याज 1 लाख रुपये की सीमा पार करता है, बैंक स्वचालित रूप से TDS काट लेते हैं। भले ही आपकी कुल आय शून्य टैक्स के दायरे में आती हो, बैंक अपनी कानूनी जिम्मेदारी निभाते हुए TDS काट लेते हैं।
फॉर्म 15H (फॉर्म 121) जमा कर बचाएं अपना TDS
अगर आपकी कुल आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है, तो आप बैंक में TDS कटने से रोकने के लिए फॉर्म 15H (जिसे अब इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत फॉर्म 121 के रूप में जाना जाता है) जमा कर सकते हैं। जैसा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट (डॉ सुरेश सुराणा बताते हैं, फॉर्म 15H वरिष्ठ नागरिकों द्वारा दिया जाने वाला एक स्व-घोषणा पत्र है। इसे जमा करके आप बैंक को यह जानकारी देते हैं कि आपकी कुल टैक्स देनदारी शून्य है।
नए टैक्स शासन में बेसिक छूट सीमा 4 लाख रुपये है, लेकिन सेक्शन 87A की रिबेट मिलाकर 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं बनता, जिससे ऐसे टैक्सपेयर्स फॉर्म 15H जमा करने के पात्र हो जाते हैं। वहीं पुराने टैक्स शासन में छूट की सीमा 3 लाख रुपये (80 वर्ष या उससे अधिक के लिए 5 लाख रुपये) थी और सेक्शन 87A की रिबेट के बाद 5 लाख रुपये तक की आय वाले नागरिक फॉर्म 15H जमा कर सकते थे। यदि आपकी कुल आय इन निर्धारित सीमाओं से अधिक है, तो TDS कटेगा और अतिरिक्त कटे टैक्स को आप ITR फाइल करके रिफंड के रूप में वापस प्राप्त कर सकते हैं।
