SEBI Chairperson Madhabi Puri Buch: इस समय शेयर बाजार में कई कंपनियां एक के बाद अपना आईपीओ ला रही हैं। एक-एक दिन में एक साथ 3-4 आईपीओ खुल रहे हैं। निवेशक भी आईपीओ पर टूट रहे हैं। इस बीच मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की प्रमुख माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स (IPO) पर रिटेल निवेशकों को एक सलाह दी है।
सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच
20 से 24 नवंबर के बीच 5 आईपीओ में निवेशकों ने 2.5 लाख करोड़ रु से अधिक के आवेदन किए। इसी पर बुच ने रिटेल निवेशकों से कहा है कि वे होड़ से बचें और सतर्क रहें।
आईपीओ के बाद निवेश करना ज्यादा सही
सेबी की चेयरपर्सन के मुताबिक अकसर IPO के दौरान कंपनी की वैल्यूएशन सही से कैलकुलेट नहीं होती। इसलिए सही तरीका यह है कि आईपीओ के बाद शेयर की लिस्टिंग हो जाए तो उसके प्राइस को सेटल होने दें और फिर कंपनी के शेयर खरीदें।
वैल्यूएशन में हो सकती है गड़बड़ी
बुच के मुताबिक आईपीओ में वैल्यूएशन में ऊंच-नीच हो सकती है क्योंकि इसकी वैल्यूएशन तय करने का तरीका हर बार सही नहीं होता। उनके मुताबिक संस्थागत निवेशक बड़ी खरीदारी करते हैं। इसलिए वे सेकेंडरी मार्केट में खरीदारी नहीं करते। मगर रिटेल निवेशकों तो कम ही शेयर खरीदते हैं। इसलिए उनके लिए सही यह है कि वे पहले शेयर की कीमत सेटल होने दें और बाद में ही निवेश करें।
उन्होंने आईपीओ के लिए मची हौड़ पर कहा कि सेबी इस पर हस्तक्षेप नहीं करता। हालांकि उन्होंने बाजार में एक नैचुरल चेक एंड बैलेंस की बात कही।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
