SBI News: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर शेयर बाजार में शानदार प्रदर्शन किया है। बुधवार को बैंक के शेयरों में तीन प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इस बढ़त की वजह से एसबीआई बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के हिसाब से देश की चौथी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई है। बैंक ने दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को पीछे छोड़ दिया है। अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के अच्छे नतीजों के बाद निवेशकों का भरोसा एसबीआई पर और मजबूत हुआ है। इसका सीधा असर बैंक के शेयरों पर देखने को मिला।
मजबूत तिमाही नतीजों से एसबीआई को बड़ी बढ़त, बनी देश की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी (तस्वीर-istock)
शेयर की कीमत 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंची
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर एसबीआई का शेयर 3.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,183 रुपये पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह 3.23 प्रतिशत चढ़कर 1,181.10 रुपये पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान शेयर में और भी तेजी देखने को मिली। यह करीब चार प्रतिशत तक चढ़ गया और 52 सप्ताह के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। बीएसई पर शेयर ने 1,187.70 रुपये और एनएसई पर 1,187.50 रुपये का उच्च स्तर छुआ। यह निवेशकों के मजबूत भरोसे का संकेत है।
टीसीएस को छोड़ा पीछे
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक दिन के अंत में एसबीआई का कुल बाजार पूंजीकरण 10,91,982.06 करोड़ रुपये हो गया। यह आंकड़ा टीसीएस के बाजार पूंजीकरण 10,52,646.38 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसी के साथ एसबीआई ने टीसीएस को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया। दूसरी ओर, टीसीएस के शेयरों में गिरावट देखी गई। बीएसई और एनएसई दोनों पर कंपनी का शेयर लगभग 2.5 प्रतिशत गिरकर क्रमश: 2,909.40 रुपये और 2,909 रुपये पर बंद हुआ। शेयर में इस गिरावट के कारण टीसीएस का बाजार पूंजीकरण घट गया और वह एक पायदान नीचे खिसक गई।
देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची
मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक दूसरे स्थान पर है। तीसरे नंबर पर भारती एयरटेल है। अब एसबीआई चौथे स्थान पर पहुंच गई है। इसके बाद क्रमश: टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का स्थान है। इस सूची में ऊपर आना किसी भी कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
रिकॉर्ड मुनाफे ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
एसबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक ने एकल आधार (स्टैंडअलोन) पर 21,028 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा दर्ज किया है। यह बैंक के इतिहास का रिकॉर्ड लाभ है। वहीं, एकीकृत आधार (कंसोलिडेटेड) पर बैंक का शुद्ध लाभ 13.06 प्रतिशत बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये हो गया है। यह दिखाता है कि बैंक का समग्र कारोबार मजबूत स्थिति में है और उसकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
आगे क्या संकेत मिलते हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि एसबीआई के बेहतर नतीजे उसके मजबूत लोन ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और कम एनपीए (फंसे हुए कर्ज) का परिणाम हैं। बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और शेयर में तेजी आई है। अगर आने वाली तिमाहियों में भी बैंक इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखता है, तो उसके शेयरों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। फिलहाल, एसबीआई ने यह साबित कर दिया है कि वह न केवल देश का सबसे बड़ा बैंक है, बल्कि बाजार मूल्य के मामले में भी बड़ी निजी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सकता है।
