Yes Bank Share Sale : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और सात अन्य प्रमुख बैंकों ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे यस बैंक में अपनी संयुक्त 20% हिस्सेदारी जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) को 13483 करोड़ रुपये में बेच रहे हैं। यह भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा।
यस बैंक में विदेशी निवेश
SBI बनेगा दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक
इस सौदे के तहत, SBI अकेले 13.19% हिस्सेदारी 8,889 करोड़ रुपये में बेचेगा, जिससे उसकी हिस्सेदारी मार्च 2025 तक 24% से घटकर करीब 10% रह जाएगी। बाकी 6.81% हिस्सेदारी एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, फेडरल बैंक, बंधन बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक द्वारा 4,594 करोड़ रुपये में बेची जाएगी।
SMBC बनेगा यस बैंक का सबसे बड़ा शेयरधारक
एसएमबीसी, जापान के दूसरे सबसे बड़े बैंकिंग समूह सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप (SMFG) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जिसकी कुल संपत्ति दिसंबर 2024 तक 2 लाख करोड़ डॉलर थी। इस सौदे के बाद SMBC, यस बैंक का सबसे बड़ा शेयरधारक बन जाएगा।
शेयर मूल्य और रेगुलेटरी मंजूरी
लेनदेन 21.50 रुपये प्रति शेयर की दर से प्रस्तावित है और यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की मंजूरी सहित आवश्यक नियामकीय प्रक्रियाओं के अधीन है।
यस बैंक के पुनरुद्धार की दिशा में मील का पत्थर
यस बैंक ने इसे अपने पुनर्निर्माण और लाभप्रदता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। एमडी और सीईओ प्रशांत कुमार ने कहा कि SMBC का निवेश बैंक की अगली विकास यात्रा में रणनीतिक सहयोग प्रदान करेगा।
शेयर बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया
सौदे की घोषणा के बाद बीएसई पर यस बैंक का शेयर 9.77% बढ़कर 20 रुपये प्रति इकाई पर बंद हुआ।
