तेलंगाना सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर (Ponnam Prabhakar) ने एक खास योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर 20% तक की छूट दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना और लोगों को पेट्रोल-डीजल वाहनों से EV की ओर आकर्षित करना है।
ईवी खरीदने पर इस राज्य के सरकारी कर्मचारियों को मिल रही छूट (Photo: iStock)
दिग्गज कंपनियों से सीधी बातचीत
पोन्नम प्रभाकर ने महिंद्रा इलेक्ट्रिक, ओला इलेक्ट्रिक, ग्राफ्टन मोटर्स और एथर एनर्जी जैसे प्रमुख ईवी निर्माताओं के साथ कई दौर की बातचीत के बाद डिस्काउंट की सुविधा पेश की है। इस सीधी बातचीत का लाभ यह है कि एक कर्मचारी को वाहन खरीदने पर 4 लाख तक की सीधी बचत हो सकती है। भारत में यह पहली बार है जब किसी राज्य सरकार ने टैक्स छूट से आगे बढ़कर सीधे मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) से अपने कर्मचारियों के लिए डिस्काउंट पर बात की है। इससे पहले आमतौर पर सरकारें टैक्स में छूट देती थीं, लेकिन यह कदम कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ देने वाला है। इस योजना के तहत राज्य के करीब 5 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
पुरानी रियायतें भी रहेंगी जारी
2024 में तेलंगाना सरकार ने पहले ही ईवी पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ करने की घोषणा की थी। अब इस 20% अतिरिक्त डिस्काउंट के साथ तेलंगाना में ईवी खरीदना देश में सबसे सस्ता हो जाएगा। घोषणा के दौरान मंत्री ने कहा, "जब हमारा सरकारी बेड़ा इलेक्ट्रिक होगा, तो तेलंगाना का हर नागरिक साफ हवा में सांस लेगा। यह शासन लोगों और ग्रह (Planet) दोनों की सेवा के लिए है।"
मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी ने निर्देश दिया है कि अब से सभी सरकारी विभाग केवल इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदेंगे। यहां तक कि शहरी क्षेत्रों में किराए पर लिए जाने वाले वाहन भी इलेक्ट्रिक होने अनिवार्य होंगे। वर्तमान में राज्य के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में 2,800 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें पहले से ही चल रही हैं।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह डिस्काउंट कंपनियों के साथ थोक खरीद (Bulk Institutional Framework) के तहत तय किया गया है, इसमें सरकारी बजट पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि सचिवालय से लेकर जिला और मंडल स्तर के सरकारी कार्यालयों तक चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे। होटलों, मॉल और सार्वजनिक पार्कों को भी चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
