सैलेरी वाले हर साल बदल सकते हैं टैक्स रेजीम, लेकिन इन्हें केवल एक बार मिलेगा मौका

नई और पुरानी टैक्स रेजीम लोगों को काफी कंफ्यूज कर रही है। लोगों के मन में बहुत से सवाल हैं। इनमें टैक्स रेजीम बदलने का सवाल भी है। सैलेरी वाले हर साल टैक्स रेजीम बदल पाएंगे, पर बिजनेस वालों के लिए नियम अलग है।

KEY HIGHLIGHTS
  • कारोबारी केवल एक बार बदल पाएंगे टैक्स रेजीम
  • सैलेरी वालों के पास हर साल टैक्स रेजीम बदलने का विकल्प होगा
  • प्रोफेशन से इनकम पाने वाले भी एक ही बार बदल सकेंगे टैक्स रेजीम

Tax Regime Change Rule : नई और पुरानी टैक्स रेजीम को लेकर टैक्सपेयर्स के मन में अभी भी ऐसे बहुत से सवाल हैं, जिनके जवाब उन्हें नहीं मिले हैं। इन्हीं में से एक सवाल टैक्स रेजीम को बदलने लेकर है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर अधिनियम की धारा 115बीएसी का हवाला देते हुए कहा है कि वे लोग जो सैलेरी वाले कर्मचारी हैं, वे हर साल अपनी टैक्स रेजीम बदल सकते हैं। पर ये मौका सभी को नहीं मिलेगा।

Income Tax Regime Change Rule

इनकम टैक्स रेजीम बदलने के नियम क्या हैं

इन्हें नहीं मिलेगा मौका

सैलेरी पाने वाले कर्मचारी हर साल पुरानी या नई टैक्स रेजीम में से कोई चुन सकेंगे, मगर वे लोग जो किसी प्रोफेशन से इनकम हासिल करते हैं या कारोबारी हैं, उन्हें ये मौका बार-बार नहीं दिया जाएगा। बल्कि वे जो टैक्स रेजीम चुनेंगे, उसे केवल एक बार ही बदल पाएंगे। एक बार बदलने के बाद उन्हें ये मौका नहीं मिलेगा। डिफॉल्ट के तौर पर बिना छूट वाली नई टैक्स रेजीम रहेगी। यानी यदि न चुनी जाए तो उन्हें नई टैक्स रेजीम के अनुसार टैक्स देना होगा।

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