ईरान संकट खत्म होने के ऐलान के बाद से रुपये में तेजी लौटी थी। हालांकि, आज उस तेजी पर ब्रेक लग गया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती से रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 21 पैसे टूटकर 94.71 प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से डॉलर सूचकांक बढ़कर 100.23 के स्तर पर पहुंच गया, जो चार महीने का उच्च स्तर है। फेडरल रिजर्व ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन संकेत दिया कि आगे इस वर्ष कम से कम एक बार 0.25 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.66 प्रति डॉलर पर खुला। फिर टूटकर 94.71 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 21 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
रुपया लुढ़का
बुधवार को मजबूत बंद हुआ था रुपया
रुपया बुधवार को 10 पैसे मजबूत होकर 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। कल यानी बुधवार को भारतीय रुपया छह हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह यह थी कि ब्रेंट क्रूड की कीमत तीन महीने से ज्यादा समय में पहली बार $80 प्रति बैरल से नीचे आ गई, साथ ही करेंसी को मजबूत करने के लिए सेंट्रल बैंक के हालिया कदमों से भी मदद मिली। पिछले छह सेशन में लगभग 1.2% की बढ़त के बाद, रपया 94.50 प्रति अमेरिकी डॉलर पर बंद हुआ था।
डॉलर इंडेक्स में मजबूती
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.23 पर रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 111.23 अंक टूटकर 77,044.39 अंक पर जबकि निफ्टी 26.85 अंक फिसलकर 24,058.85 अंक पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.21 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध लिवाल रहे थे और उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
