Royalty Rate Of Minerals:सरकार ने अहम खनिजों के रॉयल्टी रेट किए फिक्स, नीलामी का रास्ता साफ, चीन को मिलेगी चुनौती

Royalty Rate Of Minerals: महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग सौर पैनलों से लेकर अर्धचालकों और पवन टरबाइनों से लेकर भंडारण और परिवहन के लिए उन्नत बैटरियों तक के उच्च तकनीक वाले उत्पाद बनाने के लिए किया जाता है। स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले चिप्स इन्हीं खनिजों से बनाए जाते हैं।

Cabinet Approved Royalty Rate Of Minerals:केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 12 महत्वपूर्ण खनिजों, बेरिलियम, कैडमियम, कोबाल्ट, गैलियम, इंडियम, रेनियम, सेलेनियम, टैंटलम, टेल्यूरियम, टाइटेनियम, टंगस्टन और वैनेडियम के लिए रॉयल्टी दरों को मंजूरी दे दी। इससे सभी 24 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के लिए रॉयल्टी दरों को तर्कसंगत बनाने की कवायद पूरी हो गई है। महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग सौर पैनलों से लेकर अर्धचालकों और पवन टरबाइनों से लेकर भंडारण और परिवहन के लिए उन्नत बैटरियों तक के उच्च तकनीक वाले उत्पाद बनाने के लिए किया जाता है। स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले चिप्स इन्हीं खनिजों से बनाए जाते हैं। इन खनिजों पर चीन सहिद कुछ देशों का एकाधिकार है। रॉयल्टी की दरों को गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार पहली बार इन 12 खनिजों के लिए ब्लॉकों की नीलामी कर सकेगी। इसके अलावा, इन खनिजों की औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) की गणना का तरीका भी खान मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया है जो बोली मापदंडों के निर्धारण को सक्षम करेगा।

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खनिजों के रॉयल्टी रेट तय

क्यों बेहद अहम हैं ये फैसला

बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इससे सभी 24 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के लिए रॉयल्टी दरों को तर्कसंगत बनाने की कवायद पूरी हो गई है। सरकार ने इसके पहले 15 मार्च 2022 को चार महत्वपूर्ण खनिजों ग्लूकोनाइट, पोटाश, मोलिब्डेनम और प्लैटिनम समूह के खनिजों की रॉयल्टी दर अधिसूचित की थी और 12 अक्टूबर 2023 को तीन अन्य महत्वपूर्ण खनिजों, यानी लिथियम, नाइओबियम और रेअर अर्थ मेटल्स की रॉयल्टी दर अधिसूचित की थी।

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