Crorepati Stock: मौजूदा समय में वैश्विक और घरेलू बाजार अस्थिरता का सामना कर रहे हैं। ट्रंप टैरिफ, कमजोर कॉर्पोरेट कमाई और विदेशी निवेशकों (FII) की निकासी ने इक्विटी बाजारों पर दबाव बनाया है। ऐसे में, निवेशकों का ध्यान अब उन शेयरों पर केंद्रित हो रहा है जो या तो कम अस्थिरता (Low Volatility) वाले हैं या फिर उच्च गुणवत्ता (High Quality) वाले हैं। कम-बेटा (Low Beta) वाले स्टॉक्स, खासकर मिडकैप हेल्थकेयर कंपनियों, ने शानदार रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में Nifty Mid/Small Cap Healthcare Index ने 18% की बढ़त दिखाई है, जबकि सुर्वेन फार्मा और नीलैंड लैब्स जैसी कंपनियों ने 84% तक का रिटर्न दिया है। यानी यदि आप इसमें 1 लाख रुयये लगाए होते तो वह उसमें आपको 85 लाख का रिटर्न मिल जाता। हालांकि ये मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स हैं, लेकिन इनमें मजबूत ग्रोथ मॉडल और अधिग्रहण की क्षमता देखी गई है।
ये हेल्थकेयर स्टॉक्स देंगे आपको शानदार रिटर्न! बना सकते हैं आपको करोड़पति
अधिग्रहण और विस्तार से कंपनियों को मिली नई पहचान
सुर्वेन फार्मा ने दिसंबर 2024 में न्यू जर्सी स्थित NJ Bio में 56% हिस्सेदारी खरीदी, जिससे उसकी वैश्विक उपस्थिति मजबूत हुई। इस अधिग्रहण के बाद कंपनी के वैल्यूएशन में तेजी आई और स्टॉक की कीमत 76% बढ़ी। नीलैंड लैब्स ने अपने कर्ज को ₹121 करोड़ से घटाकर ₹82 करोड़ कर दिया और फ्री कैश फ्लो ₹125 करोड़ तक बढ़ा दिया। इसके चलते कंपनी के शेयरों में 91% की वृद्धि दर्ज की गई। एरिस लाइफसाइंसेज ने डॉ. रेड्डीज लैब्स से नौ डर्मेटोलॉजी ब्रांड्स का अधिग्रहण किया, जिससे इसका मार्केट शेयर बढ़ा। हालांकि, तिमाही नतीजों में मुनाफा 14% घटा, लेकिन स्टॉक फिर भी 40% ऊपर रहा।
| कंपनी/ शेयर का नाम | 1 साल रिटर्न (%) | मार्केट कैप (रुपये में) |
| न्यूलैंड लेबोरेटरीज | 80.72 | 15516.34 |
| सुवेन फार्मास्युटिकल | 75.97 | 29682.27 |
| विजया डायग्नोस्टिक सेंटर | 65.43 | 10814.27 |
| फोर्टिस हेल्थकेयर | 63.24 | 47524.62 |
| डिवी लैब्स | 54.82 | 148098.28 |
कम अस्थिरता वाले शेयरों में निवेश क्यों करें?
अधिकांश फाइनेंशियल एडवाइजर सेक्टर-विशेष इंडेक्स से दूर रहने की सलाह देते हैं क्योंकि इनका बीटा अधिक होता है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर इन पर जल्दी पड़ता है। हालांकि, हेल्थकेयर सेक्टर की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाएं इसे अन्य सेक्टरों से अलग बनाती हैं। हेल्थकेयर इंडेक्स का लॉन्ग-टर्म बीटा 0.63 है, जबकि इसने पिछले 5 वर्षों में 21.46% की वार्षिक रिटर्न दी है। Nifty 100 Low Volatility 30 Index का बीटा 0.35 है और इसने 17% वार्षिक रिटर्न दिया है।
भविष्य की संभावनाएं: क्या हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश करना सही रहेगा?
नवाचार (Innovation) - कैंसर, मोटापा और अन्य पुरानी बीमारियों के इलाज में नई दवाओं और तकनीकों का विकास।
बढ़ती मांग (Growing Demand) - भारत में बुजुर्गों की संख्या 2000 में 4% से बढ़कर 7% हो गई है और यह 2040 तक 20% तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा, ग्लोबल रिसर्च फर्म Frost & Sullivan के अनुसार, भारतीय CRDMO इंडस्ट्री (Contract Research, Development, and Manufacturing Organization) 2028 तक $14 बिलियन तक पहुंच सकती है, जो 14% की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है।
क्या ये स्टॉक्स महंगे हैं? वैल्यूएशन पर एक नजर
इन कंपनियों के शेयर वर्तमान में ऊंचे P/E मल्टीपल (Price to Earnings Ratio) पर ट्रेड कर रहे हैं
- सुर्वेन फार्मा - 105x
- नीलैंड लैब्स - 49x
- एरिस लाइफसाइंसेज - 53x
हालांकि, लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है, बशर्ते वे लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखें।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
