रिटायरमेंट (Retirement) के लिए पैसा जुटाना हर व्यक्ति की बड़ी वित्तीय जरूरतों में से एक है। नौकरी के शुरुआती वर्षों में लोग अक्सर छोटी रकम से निवेश शुरू करते हैं, लेकिन समय के साथ बढ़ती महंगाई और लाइफस्टाइल के खर्चों को देखते हुए केवल एक ही रकम की एसआईपी लंबे समय तक जारी रखना काफी नहीं हो सकता। ऐसे में निवेश को समय-समय पर बढ़ाने की रणनीति काफी मददगार साबित हो सकती है।
रिटायरमेंट के लिए ऐसे जुड़ेगा पैसा (AI Generated Image)
वित्तीय विशेषज्ञों मानते हैं कि SIP में धीरे-धीरे बढ़ोतरी करने की आदत निवेशकों को रिटायरमेंट के लिए बड़ा कॉर्पस बनाने में मदद कर सकती है। निवेशकों को SIP में 1% बढ़ोतरी की जगह 1% अपग्रेड रूल पर काम करना चाहिए।
क्या है ‘1% अपग्रेड’ रूल
आमतौर पर लोग एसआईपी शुरू करने के बाद लंबे समय तक उसी राशि को जारी रखते हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति ने हर महीने 10,000 रुपये की SIP शुरू की है, तो कई सालों तक वह इसी रकम से निवेश करता रहता है। लेकिन समय के साथ वेतन बढ़ता है, बोनस मिलता है और कमाई की क्षमता भी बढ़ती है।
‘1% अपग्रेड’ का मतलब ही है कि निवेशक अपनी आर्थिक क्षमता के साथ अपनी SIP को भी धीरे-धीरे बढ़ाने की योजना बनाए। यह रणनीति केवल SIP की राशि में छोटी-सी बढ़ोतरी करने के बजाय, आय के ज्यादा प्रतिशत को निवेश करने पर फोकस करती है। यानी जैसे-जैसे आपकी कमाई बढ़ती है, वैसे-वैसे अपनी आय में से निवेश की जाने वाली हिस्सेदारी को भी बढ़ाएं। यह छोटी-सी बढ़ोतरी लंबे समय में कंपाउंडिंग की वजह से बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।
SIP में छोटी बढ़ोतरी क्यों है जरूरी?
SIP का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग है। जब निवेश लंबे समय तक चलता है तो पहले किए गए निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे कमाई करने लगता है। ऐसे में अगर निवेश की रकम समय के साथ बढ़ाई जाती है, तो निवेशक को ज्यादा पैसा निवेश होने और कंपाउंडिंग का दोहरा फायदा मिलता है।
मान लीजिए किसी व्यक्ति की आय हर साल बढ़ रही है, लेकिन SIP की रकम कई वर्षों तक वही रहती है। ऐसे में महंगाई के कारण भविष्य के लक्ष्य पूरे करना मुश्किल हो सकता है।
रिटायरमेंट प्लानिंग में समय सबसे महत्वपूर्ण
रिटायरमेंट प्लानिंग में समय सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाता है, उतना ज्यादा समय कंपाउंडिंग को मिलता है। अगर कोई व्यक्ति कम उम्र में छोटी SIP शुरू करता है और धीरे-धीरे उसमें बढ़ोतरी करता रहता है, तो वह बाद के वर्षों में बड़ी रकम जमा कर सकता है।इसके अलावा, निवेशकों को महंगाई को भी ध्यान में रखना चाहिए। आज की जरूरतों के हिसाब से जो रकम पर्याप्त लगती है, वह 20-30 साल बाद कम पड़ सकती है। इसलिए रिटायरमेंट फंड बनाते समय निवेश राशि को समय-समय पर बढ़ाना जरूरी है।
