आज के समय में रिटायरमेंट (Retirement) प्लानिंग कम से कम उम्र में शुरू करने की सलाह दी जाती है क्योंकि ऐसा करने से एक बड़ा फंड बनाने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाता है। खासकर बढ़ती महंगाई और भविष्य की आर्थिक जरूरतों को देखते हुए वित्तीय विशेषज्ञ कम उम्र से ही निवेश शुरू करने की सलाह देते हैं। उदाहरण के लिए ही मान लें कि अगर किसी व्यक्ति की आय अच्छी है और वह 30 वर्ष की उम्र से ही अपने रिटायरमेंट (Retirement Planning at 30) की तैयारी शुरू कर देता है तो वह Step-Up SIP की मदद से 50 वर्ष की उम्र तक 10 करोड़ रुपये से अधिक का फंड तैयार कर सकता है।
30 की उम्र में ऐसे शुरू करें रिटायरमेंट की तैयारी (Photo: iStock)
क्या होती है Step-Up SIP?
स्टेप-अप एसआईपी (Step-Up SIP) एक ऐसी निवेश रणनीति है, जिसमें निवेशक हर साल अपनी एसआईपी की राशि एक निश्चित प्रतिशत से बढ़ाता है। उदाहरण के लिए उदाहरण के लिए अगर निवेशक 10,000 रुपये प्रति माह की SIP शुरू करता है और हर साल इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करे तो अगले वर्ष मासिक एसआईपी 11,000 रुपये हो जाएगी। इसके अगले वर्ष यह फिर 10 प्रतिशत बढ़ जाएगी। इस तरह व्यक्ति का निवेश बढ़ता रहता है। यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, जिनकी सैलरी हर साल बढ़ती है।
20 साल में कैसे बनेगा 10 करोड़ का फंड?
मान लीजिए कि कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में हर महीने 54,000 रुपये की SIP शुरू करता है। वह अगले 20 वर्षों तक नियमित निवेश करता है और हर साल अपनी SIP में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी (Step-Up) करता है। अगर इस निवेश पर औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है तो परिणाम काफी प्रभावशाली हो सकते हैं।
इस स्थिति में 20 वर्षों के दौरान व्यक्ति का कुल निवेश लगभग 3,71,14,200 रुपये होगा। वहीं चक्रवृद्धि (Compounding) की पावर के कारण उसे लगभग 6,34,95,270 रुपये का अनुमानित रिटर्न (ब्याज) मिल सकता है।
इस तरह 50 वर्ष की उम्र तक उसका कुल मैच्योरिटी अमाउंट लगभग 10,06,09,470 रुपये तक पहुंच सकता है। यानी कुल फंड 10 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है।
कंपाउंडिंग और Step-Up का दमदार कॉम्बिनेशन
इस उदाहरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कंपाउंडिंग और Step-Up SIP की है। कंपाउंडिंग का मतलब है कि आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर रिटर्न कमाने लगता है। जब इसमें हर साल बढ़ती SIP भी जुड़ जाती है, तो लंबे समय में फंड तेजी से बढ़ने लगता है। अगर यही निवेशक पूरे 20 वर्षों तक केवल 54,000 रुपये की स्थिर SIP करता और उसे बढ़ाता नहीं है तो उसका अंतिम फंड काफी कम हो सकता था। बिना स्टेप-अप एसआई के 54000 की मंथली एसआईपी के साथ व्यक्ति का कुल निवेश 1,29,60,000 रुपये रह जाएगा, जिस पर अनुमानित ब्याज 3,67,12,297 रुपये और कुल मैच्योरिटी अमाउंट घट कर 4,96,72,297 रुपये रह जाएगा।
| डिटेल्स | SIP | Step-Up SIP (हर साल 10% बढ़ोतरी) |
|---|---|---|
| शुरुआती मासिक SIP | ₹54,000 | ₹54,000 |
| निवेश अवधि | 20 वर्ष | 20 वर्ष |
| हर साल SIP में बढ़ोतरी | नहीं | 10% |
| अनुमानित वार्षिक रिटर्न | 12% | 12% |
| कुल निवेश | ₹1,29,60,000 | ₹3,71,14,200 |
| अनुमानित ब्याज (रिटर्न) | ₹3,67,12,297 | ₹6,34,95,270 |
| कुल मैच्योरिटी अमाउंट | ₹4,96,72,297 | ₹10,06,09,470 |
किन लोगों के लिए है यह रणनीति?
स्टेप-अप SIP उन नौकरीपेशा लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिनकी सैलरी में हर साल इंक्रीमेंट होता है। अगर आपकी आय बढ़ रही है और आप हर साल अपनी SIP में भी थोड़ी-सी बढ़ोतरी कर देते हैं तो भविष्य में बड़ा रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार करना काफी आसान हो सकता है।
