सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर आठ साल के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर पहुंची

एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण भारत में मुद्रास्फीति 1.07 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 2.04 प्रतिशत रही। सबसे अधिक मुद्रास्फीति केरल में 9.05 प्रतिशत और सबसे कम उत्तर प्रदेश में शून्य से 0.61 प्रतिशत नीचे रही।

खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में आठ साल के निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 2.07 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह कमी सब्जियों और दालों सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण हुई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति सितंबर, 2024 में 5.49 प्रतिशत थी। सितंबर, 2025 से पहले इसका न्यूनतम स्तर जून, 2017 में 1.46 प्रतिशत था।

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यह दूसरी बार है जब 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत से नीचे आई है। (फोटो क्रेडिट-iStock)

यह दूसरी बार है जब 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत से नीचे आई है। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उपभोक्ता कीमतों पर आधारित मुद्रास्फीति चार प्रतिशत पर बनी रहे, जिसमें दो प्रतिशत की घट-बढ़ हो सकती है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने कहा, ‘अगस्त, 2025 की तुलना में सितंबर की मुख्य मुद्रास्फीति में 0.53 प्रतिशत की कमी आई है। यह जून, 2017 के बाद सालाना आधार पर सबसे कम मुद्रास्फीति है।’

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