Retail Inflation At 3 Month High, IIP At 14 Month High: इकोनॉमी के मोर्चे पर राहत भरी खबर है। देश में रिटेल महंगाई 3 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। वहीं औद्योगिक उत्पादन भी 14 महीने के टॉप पर पहुंच गया है। महंगाई पर राहत की एक प्रमुख वजह खाद्य वस्तुओं की कीमतों का घटना है। ताजा आंकड़ों के अनुसार सितंबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर तीन महीनों के निचले स्तर 5.02 प्रतिशत पर आ गई। विनिर्माण, खनन और बिजली क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से देश में औद्योगिक उत्पादन अगस्त में 10.3 प्रतिशत बढ़कर 14 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
इकोनॉमी के अच्छे दिन
महंगाई का क्या है हाल
राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 5.02 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले सितंबर में यह 7.41 प्रतिशत थी। वहीं अगस्त, 2023 में खुदरा मुद्रास्फीति 6.83 प्रतिशत रही थी। इस तरह खुदरा मुद्रास्फीति जून, 2023 के बाद सितंबर में सबसे कम रही है। जून में यह 4.87 प्रतिशत रही थी। खुदरा मुद्रास्फीति दो महीने के अंतराल के बाद फिर से रिजर्व बैंक के सामान्य स्तर के दायरे में आ गई है। सितंबर में खाद्य उत्पादों की कीमतें घटने से खाद्य मुद्रास्फीति 6.56 प्रतिशत पर आ गई जबकि अगस्त में यह 9.94 प्रतिशत रही थी।
औद्योगिक उत्पादन कैसे बढ़ा
मैन्युफैक्चरिंग, खनन और बिजली क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से देश में औद्योगिक उत्पादन अगस्त में 10.3 प्रतिशत बढ़कर 14 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। औद्योगिक उत्पादन में पिछले साल अगस्त में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी।इससे पहले, जून, 2022 में औद्योगिक उत्पादन में सर्वाधिक 12.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान आईआईपी वृद्धि 6.1 प्रतिशत रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 7.7 प्रतिशत थी। इसी दौरान खनन उत्पादन 12.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल अगस्त में इसमें 3.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी। वहीं बिजली उत्पादन में 15.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल इस दौरान 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
