देशभर के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब खरीफ की बुवाई में खाद की कमी नहीं होगी। ईरान युद्ध खत्म होने और होर्मुज का रास्ता खुलने से खाद की बड़ी खेप जल्द भारत पहुंचने वाली है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि यूरिया, डायमोनियम फॉस्फेट (DAP) और सल्फर जैसे जरूरी उर्वरक सामान लेकर चार शिपमेंट होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजर चुके हैं और भारत आ रहे हैं।
किसान
इन शिपमेंट के कृष्णापट्टनम, काकीनाडा, पारादीप और मुंद्रा बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है। PTI के अनुसार, सामान उतरने के बाद, ये सप्लाई देश के उर्वरक भंडार को मजबूत करने और खरीफ की बुवाई के मौसम में कृषि की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। मंत्रालय के मुताबिक, 1 मार्च से भारत का कुल उर्वरक उत्पादन 133.12 लाख टन रहा है, जबकि इसी दौरान आयात 43.69 लाख टन तक पहुच गया है।
सरकार ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की
सरकार ने हाल ही में हुई अंतरराष्ट्रीय खरीद प्रक्रिया के ज़रिए 17.70 लाख टन अतिरिक्त यूरिया भी हासिल किया है। मंत्रालय ने बताया कि इस खरीद के साथ ही, खरीफ सीजन के लिए यूरिया और फॉस्फेटिक व पोटासिक (P&K) फर्टिलाइजर की कुल मात्रा अब 90 लाख टन से ज्यादा हो गई है। भारत ने ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जॉर्जिया, नाइजीरिया, रूस, फिनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की और नीदरलैंड जैसे कई देशों से यूरिया का आयात किया है। वहीं, रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया और सऊदी अरब के सप्लायर्स से DAP और NPK फर्टिलाइजर की खेप लाल सागर के रास्ते मंगाई जा रही है।
फर्टिलाइजर स्टॉक में हुई बढ़ोतरी
रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि 22 जून तक कुल फर्टिलाइज़र स्टॉक 196.08 लाख टन था, जबकि पिछले साल इसी समय यह 168.67 लाख टन था। यूरिया का स्टॉक 69.21 लाख टन से बढ़कर 81.44 लाख टन हो गया, जबकि DAP का स्टॉक 16 लाख टन से बढ़कर 20.92 लाख टन हो गया। NPK फर्टिलाइजर का स्टॉक भी बढ़ा और यह एक साल पहले के 46.13 लाख टन के मुकाबले 55.91 लाख टन तक पहुंच गया। म्यूरेट ऑफ पोटाश (MoP) का स्टॉक पिछले साल इसी समय के 10.68 लाख टन से बढ़कर 12.68 लाख टन हो गया। इसके उलट, सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) के स्टॉक में थोड़ी कमी आई और यह 26.65 लाख टन से घटकर 25.13 लाख टन रह गया।
खाद की खपत अच्छी बनी हुई
1 मार्च से कुल बिक्री 153.4 लाख टन तक पहुंच गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में दर्ज 140.2 लाख टन से ज्यादा है। कुल बिक्री में यूरिया की हिस्सेदारी 79.1 लाख टन रही, इसके बाद NPK खाद 34.8 लाख टन और DAP 19.8 लाख टन रही। मंत्रालय ने कहा है कि वह देश भर में खाद की बिना रुकावट उपलब्धता सुनिश्चित करने और सप्लाई को ठीक से बनाए रखने के लिए राज्य के अधिकारियों, खाद वितरकों और सहकारी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
