रिलायंस इन्फ्रा ने SEBI और BSE-NSE का दरवाजा खटखटाया, जानिए क्या है मामला?

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने शेयरों में रेगुलर ट्रेडिंग की अनुमति देने के लिए सेबी और एक्सचेंज का दरवाजा खटखटाया है।

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने दिवाला कार्रवाई से संबंधित निगरानी ढांचे की समीक्षा की मांग की है, जिसके तहत कंपनी के शेयरों में सप्ताह में केवल एक बार ही कारोबार की अनुमति है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने बयान में कहा कि उसने दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) से जुड़े अतिरिक्त निगरानी उपाय (एएसएम) और अपने शेयरों पर लगे कारोबारी प्रतिबंधों की समीक्षा के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) तथा बीएसई के समक्ष एक औपचारिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। कंपनी ने सात लाख से अधिक सार्वजनिक शेयरधारकों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का हवाला दिया है।

Reliance Infra (AI Image)

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर

निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ

रिलायंस इन्फ्रा ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के तहत पांच प्रतिशत के सीमित मूल्य दायरे में सप्ताह में केवल एक बार कारोबार की अनुमति है, जिससे शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव पूरी तरह अनुमानित हो जाता है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि बाजार के नियमों को निष्पक्ष मूल्य निर्धारण को बढ़ावा देना चाहिए ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे। बयान के मुताबिक, कंपनी का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंध मौजूदा व्यावसायिक बुनियादी बातों, परिचालन प्रदर्शन या दीर्घकालिक क्षमता को सही ढंग से नहीं दर्शाते।

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