रेगुलेटर्स को हमेशा सतर्क रहना चाहिए, अडाणी-हिंडनबर्ग मामले में बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 4, 2023, 07:17 PM IST

अडाणी-हिंडनबर्ग मामले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेगुलेटर को अपना काम करना चाहिए। समय पर कार्रवाई करनी चाहिए और बाजारों को स्थिर रखने के लिए काम करना चाहिए।

अडाणी-हिंडनबर्ग मामले (Adani-Hindenburg case) और कॉरपोरेट गवर्नेंस के मुद्दे पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि नियामकों (Regulators) को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए और बाजारों को स्थिर रखने के लिए काम करना चाहिए। भारत के विनियामक कार्यों को सर्वोत्तम बनाए रखने के लिए कानून हैं। नियामकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नियामक अपना काम करेंगे। दरअसल विशेष परिस्थिति में बाजार को अच्छी तरह से विनियमित रखने के लिए सेबी प्राधिकरण है और उसके पास उस प्रमुख स्थिति को बरकरार रखने का साधन है। नियामक हैं वो अपना काम करेंगे। आरबीआई ने बयान दिया, उससे पहले बैंकों, एलआईसी ने बाहर आकर अपने एक्सपोजर (अडानी समूह को) के बारे में बताया। सरकार को स्वतंत्र नियामक, जो उचित है उसे करने के लिए उन्हें खुद पर छोड़ दिया है ताकि बाजार अच्छी तरह से विनियमित हो।

Finance Minister Nirmala Sitharaman

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

निर्मला सीतारमण ने कहा कि अडाणी द्वारा एफपीओ वापस लेने के मद्देनजर वैश्विक वित्तीय बाजार में भारत की स्थिति पर वित्त मंत्री ने कहा कि एफपीओ आते हैं और निकल जाते हैं। उतार-चढ़ाव हर बाजार में हैं। तथ्य यह है कि पिछले कुछ दिनों में हमारे पास 8 बिलियन (विदेशी मुद्रा भंडार) आया है, यह साबित करता है कि भारत और इसकी ताकत के बारे में धारणा बरकरार है। हमारे मैक्रोइकॉनॉमिक फंडामेंटल या अर्थव्यवस्था की छवि प्रभावित नहीं हुई है।

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