देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 26.36 प्रतिशत घटकर 2,466.1 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, तिमाही के दौरान वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री से कंपनी का राजस्व बढ़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में कंपनी का शुद्ध’ लाभ 3,349 करोड़ रुपये रहा था। वाहन विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि जुलाई-सितंबर में परिचालन से कुल राजस्व बढ़कर 53,355.5 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में 42,344.2 करोड़ रुपये था।
मारुति
कंपनी का खर्च तेजी से बढ़ा
समीक्षाधीन तिमाही में उसका कुल खर्च भी बढ़कर 50,619 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 39,018.4 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि उसने 6,96,654 वाहनों की अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26.5 प्रतिशत अधिक है। घरेलू यात्री वाहन बाजार में कंपनी की वृद्धि व्यापक रही। छोटी कारों की बिक्री में 35.9 प्रतिशत और एसयूवी की बिक्री में 68.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हाल में पेश की गई कंपनी की एसयूवी को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिली और उन्होंने इस मजबूत वृद्धि में योगदान दिया।
भारतीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ी
मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि घरेलू बाजार में उसकी हिस्सेदारी 2.2 प्रतिशत अंक बढ़कर 40.8 प्रतिशत हो गई। कंपनी ने कहा कि निर्यात बाजारों में चुनौतीपूर्ण वैश्विक स्थिति के बावजूद कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 1,08,119 वाहनों का निर्यात कर सकी, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 1,10,487 वाहन था।
बजाज ऑटो का लाभ 35 प्रतिशत बढ़ा
बजाज ऑटो का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 35 प्रतिशत बढ़कर 3,354 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में 2,480 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ दर्ज किया था। मोटर वाहन विनिर्माता कंपनी ने मंगलवार को बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का परिचालन से राजस्व 34 प्रतिशत बढ़कर 20,003 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 14,922 करोड़ रुपये था। बजाज ऑटो ने बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) सालाना आधार पर 3,052 करोड़ रुपये से 37 प्रतिशत बढ़कर 4,172 करोड़ रुपये हो गई।
