बैंकों में पड़ा है आपके अपनों का पैसा, क्लेम के लिए RBI के इन नए नियमों का पालन करना क्यों जरूरी?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में सेविंग अकाउंट्स, फिक्स्ड डिपॉजिट और सुरक्षित डिपॉजिट लॉकर्स के लिए नॉमिनेशन प्रक्रिया को आसान के उद्देश्य से नए निर्देश जारी किए हैं। इसके जरिये आप बैंकों में अपने परिवार के रखें पैसों पर अपना दावा कर सकते हैं।

जमाकर्ता की मौत पर परिवार के सदस्यों की कठिनाई को कम करने और क्लेम के तुरंत निपटान की सुविधा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में सेविंग अकाउंट्स, फिक्स्ड डिपॉजिट और सुरक्षित डिपॉजिट लॉकर्स के लिए नॉमिनेशन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से नए निर्देश जारी किए हैं। इन उपायों का उद्देश्य नॉमनी को मनी आसानी से ट्रांसफर सुनिश्चित करना है, जिससे खाताधारकों के परिवारों के लिए कानूनी झनझट कम होंगी।

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बैंक अकाउंट होल्डर्स को नॉमनी का नाम देना क्यों जरूरी?

इस नए निर्देश के साथ RBI क्लेम न किए गए डिपॉजिट के मुद्दे को भी बताना चाहता है, जिसमें उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। मार्च 2024 तक बैंकों में क्लेम न किए गए डिपॉजिट में 26% की वृद्धि हुई, जो मार्च 2023 में 62,225 करोड़ रुपये से बढ़कर 78,213 करोड़ रुपये हो गई। 10 वर्षों से अधिक समय से निष्क्रिय अकाउंट से ये क्लेम न किए गए फंड RBI के डिपॉजिटर एजुकेशन और जागरूकता (DEA) फंड में ट्रांसफर किए जाते हैं। ये चौंका देने वाले आंकड़े बताते हैं कि धन को क्लेम न किए जाने से बचाने के लिए उचित रूप से नॉमिनेटेड रिकॉर्ड रखना क्यों जरुरी है।

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