लोन पेनाल्टी चार्ज को लेकर RBI की गाइडलाइन्स लागू, EMI भरने वालों के लिए बड़ी राहत राहत

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 3, 2024, 01:43 PM IST

RBI Guidelines On Loan Penalty Charges: लोन में EMI के भुगतान में देरी के लिए लगाए जाने वाले पेनाल्टी चार्जों पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गाइडलाइन्स जारी की है। जिसे एक अप्रैल से लागू कर दिया गया है। जानिए आखिर ये गाइडलाइन्स क्यों जारी की गई।

RBI Guidelines On Loan Penalty Charges: लोन अकाउंट पर पेनाल्टी चार्ज को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गाइडलाइन्स 1 अप्रैल से लागू हो गए हैं। नए नियम बैंक और फाइनेंस कंपनियों को लोन डिफॉल्ट या किसी दूसरे नॉन कंम्प्लायंस की वजह से लोन लेने वाले से पेनाल्टी लेने में सख्ती से रोकते हैं। आम तौर पर बैंक समान मासिक किस्तों (EMI) के भुगतान में देरी पर ग्राहकों से पेनॉल्टी वसूलते हैं। इसके अलावा लोनदाता विकल्प के रूप में ब्याज दर में अतिरिक्त कॉम्पोनेंट शामिल भी करते हैं। जिस पर आरबीआई ने रोक लगा दी है। आरबीआई ने बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को पेनाल्टी चार्ज लगाने पर कहा है कि वह ऐसा करते समय सुनिश्चित करें कि पेनाल्टी चार्जों का कोई केप्टालाइजेशन न हो । साथ ही ऐसे चार्ज पर कोई अतिरिक्त ब्याज न लगाया जाए।

RBI Guidelines On Loan Penalty Charges

लोन पेनाल्टी चार्ज पर आरबीआई की गाइडलाइन्स लागू

RBI की ये गाइडलाइन्स क्यों जारी किए गए?

आरबीआई का कहना है कि पेनाल्टी लगाने के पीछे का उद्देश्य लोन अनुशासन की भावना पैदा करना है। लेकिन इन चार्ज का उपयोग कमाई बढ़ाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। RBI की सुपरवाइजरी रिव्यू में यह पाया गया है कि बैंक और फाइनेंस कंपनियां अपनी आय बढ़ाने के लिए जुर्माना और दूसरे चार्ज लगाते हैं, जिससे ग्राहकों को न केवल परेशानी हो रही है, बल्कि बैंकों के खिलाफ शिकायतें और विवाद भी बढ़ रहे हैं।

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