Akasa Air Q2 Results: भारत की सबसे नई एयरलाइन अकासा एयर का घाटा वित्त वर्ष 2023-24 में दोगुने से भी अधिक हो गया,। हालांकि कंपनी ने नेटवर्क के विस्तार पर अधिक खर्च किया। वैसे कंपनी के रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गयी। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के पास अकासा एयर की पहली फाइलिंग से पता चला है कि बजट एयरलाइन ने वित्त वर्ष 24 में 1,670 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया, जबकि पिछले साल उसे 744.5 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
अकासा एयर का घाटा हुआ डबल
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रेवेन्यू हो गया 4 गुना से अधिक
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अकासा एयर का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022-23 में 698.67 करोड़ रुपये से चार गुना बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 3,069.58 करोड़ रुपये हो गया। यह दिवंगत शेयर बाजार निवेशक राकेश झुनझुनवाला की एसएनवी एविएशन के लिए पहला पूरे साल का नतीजा था, जिसने अगस्त 2022 में अकासा एयर ब्रांड के तहत एयरलाइन शुरू की थी।
कैपेसिटी हो गई 3 गुना
घाटे पर अकासा एयर के सीईओ अंकुर गोयल ने बताया कि किसी एयरलाइन को स्थिर होने में कुछ साल लग जाते हैं, उसके बाद ही वह घाटे से उबर पाती है। हालांकि, "इस वित्तीय वर्ष में एयरलाइन की क्षमता तीन गुनी हो गई, जिससे प्रति उपलब्ध सीट किलोमीटर रेवेन्यू (RASK) में 10% की वृद्धि हुई। ये अकासा के सभी क्षेत्रों में सुधार का संकेत है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि RASK में सालाना वृद्धि हो।"
ग्रोथ कर रही अकासा एयर
गोयल ने कहा कि इस वित्त वर्ष (2024-25) में, "हमारी इंटरनल कैपेबिलिटीज, ब्रांड प्रेजेंस और एयरपोर्ट विजिबिलिटी बढ़ने के साथ ही आरएएसके सालाना बढ़ता रहेगा।" उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 25 में एयरलाइन की बेड़े की क्षमता 50-55% बढ़ जाएगी, जिससे रेवेन्यू में लगभग 50% की वृद्धि होगी। पिछले वित्त वर्ष में कुल खर्च वित्त वर्ष 23 में 1,522 करोड़ रुपये से तीन गुना बढ़कर 4,814.4 करोड़ रुपये हो गया।
