SEBI के एक्शन से Rajesh Exports के शेयर धड़ाम, LIC और FII के करोड़ों रुपये फंसे

Rajesh Exports Share में गुरुवार 4 मई को खुलते ही लोअर सर्किट लग गया। कंपनी में LIC की 10% हिस्सेदारी है। इसके अलावा 14% हिस्सेदारी FII की है। SEBI ने कंपनी के प्रमोटर्स को ट्रेडिंग से बैन कर दिया है।

Rajesh Exports Scam : भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी राजेश एक्सपोर्ट के शेयर में गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही लोअर सर्किट लग गया। असल में कंपनी के प्रमोटर राजेश मेहता पर बाजार नियामक सेबी ने 158 अरब डॉलर करीब 15 लाख करोड़ रुपये के फंड्स की संभावित हेराफेरी का आरोप लगाया है। इसके साथ ही सेबी ने कंपनी के प्रमोटर राजेश मेहता को बाजार में ट्रेडिंग करने से बैन कर दिया है।

Rajesh Exports

कंपनी के प्रमोटर्स ने फंड में की हेराफेरी

बड़ी संस्थागत हिस्सेदारी

राजेश एक्सपोर्ट में LIC जैसे बड़े संस्थागत निवेशक (DII) की 10.80 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा विदेशी संंस्थागत व पोर्टफोलियो निवेशकों की भी करीब 14 फीसदी हिस्सेदारी है। आमतौर पर माना जाता है कि संस्थागत निवेशक जिन कंपनियों में निवेश करते हैं, वे उनकी तह तक जांच करते हैं। ऐसे में कंपनी के प्रमोटर्स पर 158 अरब डॉलर के फंड्स के दुरपयोग पर का आरोप गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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