Real Estate: रहेजा डेवलपर्स को मिली NCLT से राहत, जानें क्या है पूरा मामला

रियल एस्टेट क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी रहेजा डेवलपर्स ने कुछ समय पहले ही NCLT के समक्ष याचिका दर्ज की थी। आज इस याचिका पर सुनवाई करते हुए NCLT ने रहेजा डेवलपर्स को बड़ी राहत दी है। साथ ही अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) को परियोजना से संबंधित दावों को जुटाने और स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है।

Real Estate: रियल एस्टेट कंपनी रहेजा डेवलपर्स को राहत देते हुए राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLT) ने उसके खिलाफ दिवालियेपन की कार्यवाही को केवल उसकी एक परियोजना ‘रहेजा शिलास’ तक सीमित कर दिया है। हालांकि, NCLT ने रहेजा डेवलपर्स को अन्य अधूरी परियोजनाओं और सभी चल रही परियोजनाओं की स्थिति के बारे में विवरण देने का निर्देश दिया है, ताकि उचित आदेश पारित किए जा सकें। NCLT के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) को परियोजना से संबंधित दावों को जुटाने और स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

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रहेजा डेवलपर्स को मिली NCLT से राहत, जानें क्या है पूरा मामला

NCLT का आदेश

NCLT ने गुरूवार को पारित अंतरिम आदेश में कहा, “हमारा विचार है कि फिलहाल, जैसा कि आवेदक/प्रतिवादी ने प्रार्थना की है, दिवालियापन एक परियोजना ‘रहेजा शिलास (लो राइज)’ के लिए किया जा सकता है।” NCLT का यह निर्देश रियल्टी फर्म के निलंबित निदेशक मंडल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) नवीन रहेजा द्वारा दायर याचिका पर आया है। याचिका में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान कार्यवाही (सीआईआरपी) शुरू करने का निर्देश दिया गया था।

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