अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद वैश्विक बाजारों में राहत के संकेत हैं। गिफ्टी निफ्टी में मजबूती के बीच संकेत मिल रहे हैं कि निफ्टी और सेंसेक्स गैप-अप खुल सकते हैं, लेकिन 26,000 का स्तर इस हफ्ते बाजार की असली परीक्षा साबित होगा।
शेयर बाजार में तेजी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ प्लान ने पिछले एक साल से दुनियाभर के कैपिटल मार्केट्स को तनाव में बनाए रखा है। लेकिन, शुक्रवार को यूएस के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की तरफ से लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध घोषित करते हुए साफ किया है कि कानून और संविधान ट्रंप को इस तरह के टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है। ऐसे में इसे आने वाले दिनों में ग्लोबल मार्केट सेंटिमेंट स्थिरता आने का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
इसका असर भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी के फ्यूचर इंडेक्स गिफ्टी निफ्टी पर साफ दिख रहा है, जो फिलहाल करीब 200 पॉंइट ऊपर 25,774.50 अंक पर ट्रेड कर रहा है। फ्यूचर इंडेक्स की इस तेजी को निफ्टी और सेंसेक्स में भी तेजी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में निफ्टी जहां 200 अंक के गैप अप के साथ खुल सकता है, वहीं, सेंसेक्स में भी ओपनिंग सेशन में 700 से 800 अंक की तेजी देखने को मिल सकती है।
इसे लेकर SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल व डेरिवेटिव्ज रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर 350–400 अंकों का गैप-अप ओपन मिलता है और निफ्टी 25,900–26,000 जोन के आसपास खुलता है, तो असली टेस्ट ओपनिंग के बाद का प्राइस एक्शन होगा।
ग्लोबल संकेत
SBI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में बताया गया है कि गिफ्टी निफ्टी से पहले शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में भी मजबूती देखी गई। नैस्डैक 0.9%, एसएंडपी 500 0.7% और डाउ जोंस 0.5% चढ़े। एशियाई बाजारों में भी 1% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, ट्रंप द्वारा बेसलाइन टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने से आगे अनिश्चितता बनी हुई है। सोना 5,100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया
ब्रेकआउट और सस्टेन
अगर इंडेक्स 26,000 के ऊपर मजबूत वॉल्यूम के साथ टिकता है और शुरुआती घंटे की गिरावट (intraday pullback) में 25,900–25,950 सपोर्ट की तरह काम करता है, तो यह एक वैध ब्रेकआउट माना जाएगा। ऐसे में 26,300–26,500 की तरफ शॉर्ट-कवरिंग और मोमेंटम खरीदारी देखने को मिल सकती है। डेरिवेटिव डेटा में कॉल राइटिंग का शिफ्ट ऊपर की स्ट्राइक्स पर जाना इस मूव को कन्फर्म करेगा।
फॉल्स ब्रेक और सप्लाई जोन
अगर गैप-अप के बाद 26,000 के आसपास तुरंत मुनाफावसूली आती है और इंडेक्स 25,900 के नीचे फिसलता है, तो यह रेजिस्टेंस के रूप में सप्लाई जोन की पुष्टि होगी। तब 25,700–25,650 तक की रिट्रेसमेंट संभव है। बड़े गैप-अप के बाद “sell on rise” रणनीति अक्सर दिखती है, खासकर जब ओवरहेड कॉल ओपन इंटरेस्ट भारी हो।
स्ट्रक्चर क्या कहता है
मीडियम-टर्म ट्रेंड अब भी पॉजिटिव है, बशर्ते 25,500 के ऊपर स्ट्रक्चर बना रहे। हायर हाई–हायर लो पैटर्न बरकरार है, इसलिए ब्रेकआउट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन 26,000 का स्तर सिर्फ साइकोलॉजिकल नहीं, बल्कि ऑप्शन चेन के लिहाज से भी मजबूत बाधा है।
स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति
अगर इंडेक्स कंसोलिडेट करता है, तो सेक्टोरल रोटेशन अहम रहेगा। PSU बैंक और मेटल्स में ताकत बनी रह सकती है। Indian Bank ने वीकली चार्ट पर हॉरिजॉन्टल ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट दिया है, जो मीडियम-टर्म अपसाइड का संकेत है। Tata Steel डेली चार्ट पर हायर हाई–हायर लो स्ट्रक्चर में है और ऊंचे स्तर पर कंसोलिडेशन ताकत दिखाता है।
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