PPF Withdrawal Rule: छोटे निवेशकों के बीच पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) काफी पॉपुलर इन्वेस्टमेंट स्कीम है। आम लोग अपने बच्चों के हायर एजुकेशन से लेकर अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए इसमें निवेश करते हैं। PPF एक रिस्क फ्री और गारंटीड रिटर्न देने वाली निवेश स्कीम है। हालांकि, बहुत सारे लोग 15 साल की लॉक इन पीरियड के चलते इसमें निवेश से हिचकते हैं। इन सब के बावजूद भारत सरकार द्वारा 1986 में शुरू किया गया यह स्कीम एक भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट माध्यम बना हुआ है। इस तिमाही में 7.1% की तय ब्याज दर के साथ, यह भारत में रिटायरमेंट और टैक्स प्लानिंग के लिए सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है। अब सवाल उठता है कि क्या बीच में पैसे की जरूरत पड़ने पर इसमें निकासी की सुविधा है या नहीं? इसके लिए टर्म एंड कंडीशन क्या है? आइए आपको सारी जानकारी देते हैं।
पीपीएफ निकासी के नियम
आप PPF खाता कैसे और कहां खोल सकते हैं?
भारत में कोई भी डाकघर, सरकारी बैंक और कुछ निजी बैंक PPF खाता खोलने की सुविधा देते हैं, जिसमें हर महीने कम-से-कम ₹100 से ₹500 जमा करने होते हैं। इसके लिए KYC की जरूरत होती है, जिसमें आपको अपना ठीक से भरा हुआ फॉर्म, आधार कार्ड की कॉपी, पते का प्रमाण और पासपोर्ट साइज की फोटो जमा करनी होगी।
PPF से पैसे निकालने के क्या नियम हैं?
PPF से पैसे निकालने के तीन मुख्य नियम हैं: आंशिक निकासी, समय से पहले खाता बंद करना, और मैच्योरिटी के बाद निकासी। इन्हें नीचे समझाया गया है:
खाता सक्रिय होने के 5 साल बाद, बिना किसी जुर्माने के शेष राशि का 50% तक आंशिक रूप से निकाला जा सकता है।
खाता शुरू होने के 5 साल बाद, ब्याज दर में 1% की कटौती के साथ पूरी रकम निकाली जा सकती है। ध्यान दें, इसकी अनुमति केवल कुछ खास मामलों में ही होती है, जैसे कि निवास की स्थिति में बदलाव होने पर, उच्च शिक्षा की फीस के लिए, या मेडिकल इमरजेंसी के लिए।
खाते की मैच्योरिटी (15 साल) पूरी होने पर 100% रकम बिना किसी पेनल्टी और टैक्स-फ्री निकाली जा सकती है। PPF की अवधि को 5 साल (कुल 20 साल की अवधि) के लिए बढ़ाने के बाद, 5 साल के दौरान फंड का 60% तक हिस्सा निकाला जा सकता है, जिसमें हर साल एक बार निकासी की अनुमति होती है।
लॉक-इन अवधि खत्म होने से पहले निकासी के तरीके
सबसे पहले 'फॉर्म C' (जो कि PPF निकासी फॉर्म है) अपनी बैंक की वेबसाइट से डाउनलोड करें, या अपनी नजदीकी बैंक शाखा से इसकी एक हार्ड कॉपी प्राप्त करें।
खाता शुरू होने के 5 साल बाद, बिना किसी पेनल्टी के खाते में जमा रकम का 50% तक हिस्सा आंशिक रूप से निकाला जा सकता है। -आंशिक निकासी।
PPF फॉर्म पर जरूरी जानकारी भरें। इसमें वह रकम शामिल होगी जिसे आप निकालना चाहते हैं और PPF खाता कुल कितने सालों से चालू है।
आपको सही तरीके से भरे हुए फॉर्म के साथ अपनी PPF पासबुक की एक कॉपी भी देनी होगी। ये दस्तावेज़ संबंधित बैंक की ब्रांच में जमा करें।
एक बार जब आपका आवेदन मंजूर हो जाएगा, तो रकम आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
