Power of Attorney Vs Sale Deed: क्या सिर्फ POA से बन सकते हैं संपत्ति के मालिक?

पावर ऑफ अटॉर्नी और रजिस्टर्ड सेल डीड दोनों में क्या अंतर है? क्या सिर्फ पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये किसी संपत्ति का मालिक बना जा सकता है? कई बार लोग रजिस्ट्रेशन व दूसरे शुल्कों की वजह से प्रॉपर्टी ट्रांसफर की जगह यह रास्ता चुनते हैं। जानें यह कितना सेफ है?

Power of Attorney Vs Sale Deed : प्रॉपर्टी को खरीदने और बेचने पर लगने वाले भारी भरकम टैक्स और रजिस्ट्री व दूसरी फीस के चलते कई बार लोग प्रॉपर्टी को ट्रांसफर करने की जगह पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये संपत्ति को खरीद लेते हैं। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रॉपर्टी खरीदने का यह तरीका वैध है और इससे भी ज्यादा जरूरी यह कितना सेफ है?

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वैध सेल डीड के बिना नहीं मिलता मालिकाना हक

कानून के जानकारों का कहना है कि प्रॉपर्टी खरीदने के लिए सिर्फ पावर ऑफ अटॉर्नी (POA) होना पर्याप्त नहीं है। भले ही खरीदार ने पूरी रकम चुका दी हो और मकान पर कब्जा भी ले लिया हो, लेकिन इससे वह अपने आप कानूनी मालिक नहीं बन जाता। प्रॉपर्टी का मालिकाना हक ट्रांसफर करने के लिए वैध रजिस्टर्ड सेल डीड (Sale Deed) जरूरी होती है।

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