अगर आप विदेश यात्रा का प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए यह खबर है। हम आपको उन देशों के नाम बता रहे हैं, जहां जाने के लिए आपके पास पहले से ट्रैवल इंश्योरेंस होना जरूरी है। अगर ट्रैवल इंश्योरेंस नहीं है तो उस देश में विजा होने के बावजूद भी एंट्री नहीं मिलेगी। ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी का मकसद यह पक्का करना है कि यात्री अपनी यात्रा के दौरान अचानक होने वाले मेडिकल खर्च, दुर्घटनाओं, यात्रा में रुकावट या इमरजेंसी में सुरक्षित बाहर निकाले जाने (इमरजेंसी इवैक्यूएशन) जैसे खर्चों को कवर कर सकें। आइए उन देशों पर नजर डालते हैं जहां ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी है।
ट्रैवल इंश्योरेंस
इन देशों में जाने के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस होना जरूरी
शेंगेन देश (Schengen Countries): शेंगेन देश यूरोप के 29 देशों का एक समूह है। शेंगेन वीजा के लिए अप्लाई करने वालों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी है। फ्रांस, इटली, जर्मनी, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड और अन्य देशों में कम से कम 30,000 यूरो का मेडिकल कवरेज ज़रूरी है, जिसमें मेडिकल इलाज, अस्पताल में भर्ती होने और स्वदेश वापसी का खर्च शामिल होता है। बिना इंश्योरेंस खरीदे आप वीजा नहीं ले सकते।
क्यूबा: यहां विदेशी यात्रियों के लिए मेडिकल खर्च और स्वदेश वापसी के लिए कवरेज जरूरी है और यह नियम कई सालों से लागू है। पर्यटकों के पास वैलिड मेडिकल इंश्योरेंस होना चाहिए और पहुंचने पर इसका सबूत दिखाने के लिए कहा जा सकता है। अगर देश में घूमते समय आपके पास पर्याप्त कवरेज नहीं है, तो आपको सीधे एयरपोर्ट पर लोकल इंश्योरेंस प्लान खरीदने के लिए कहा जा सकता है।
रोमानिया: विदेशी यात्रियों के लिए कम से कम 30,000 यूरो के कवरेज वाला ट्रैवल इंश्योरेंस होना जरूरी है। वीजा मंजूरी और देश में एंट्री के लिए यह एक अनिवार्य शर्त है।
नेपाल: नेपाल आने वाले सभी यात्रियों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस ज़रूरी नहीं है, लेकिन ज्यादा ऊंचाई वाले रास्तों और अभियानों के लिए परमिट लेने वाले ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों के लिए यह आमतौर पर जरूरी होता है। पॉलिसी में आमतौर पर इमरजेंसी मेडिकल इलाज, इवैक्यूएशन (सुरक्षित बाहर निकालना) और हेलीकॉप्टर रेस्क्यू सर्विस शामिल होनी चाहिए, क्योंकि दूर-दराज पहाड़ी इलाकों में ये सेवाएं बहुत महंगी हो सकती हैं।
USA: पर्यटकों के लिए आमतौर पर ट्रैवल इंश्योरेंस की जरूरत नहीं होती, लेकिन US की यूनिवर्सिटी या एजुकेशनल सेंटर में एडमिशन लेने वाले इंटरनेशनल छात्रों के लिए यह अनिवार्य है।
तुर्की: तुर्की का वीजा लेने वाले यात्रियों के लिए आमतौर पर ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी होता है।
UAE: यूनाइटेड अरब अमीरात कई तरह के वीजा के लिए ट्रैवल हेल्थ इंश्योरेंस को अनिवार्य कर दिया है। कुछ मामलों में, यह वीजा प्रोसेस का ही हिस्सा होता है।
अंटार्कटिका: अंटार्कटिका आने वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन नियमों के तहत ट्रैवल इंश्योरेंस अनिवार्य नहीं है। हालांकि, ज्यादातर एक्सपेडिशन क्रूज ऑपरेटर और टूर कंपनियां बुकिंग की शर्त के तौर पर यात्रियों से कॉम्प्रिहेंसिव ट्रैवल इंश्योरेंस रखने के लिए कहती हैं।
ट्रैवल इंश्योरेंस क्यों जरूरी है?
कई देश बिना इंश्योरेंस वाले पर्यटकों को एंट्री नहीं देते, ताकि यह पक्का किया जा सके कि यात्री की सेहत ठीक है और वे विदेश में रहने का खर्च उठा सकते हैं। महंगी या इंटरनेशनल यात्रा के दौरान, यह पॉलिसी मेडिकल इमरजेंसी जैसी बड़ी आर्थिक मुश्किलों (जिनमें हज़ारों डॉलर का खर्च आ सकता है, जैसे मरीज को इलाज के लिए दूसरी जगह ले जाना) का खर्च उठाती है। आसान शब्दों में कहें तो, यह मेडिकल इमरजेंसी, ट्रिप कैंसल होने, सामान खोने और फ़्लाइट में रुकावट जैसी अचानक होने वाली घटनाओं से सुरक्षा देती है।
यह आपको घर से दूर होने पर होने वाले अचानक खर्चों से भी बचाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो एक तय बजट में यात्रा कर रहे हैं और ऐसी समस्याओं पर बहुत ज़्यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते।
