New Delhi: राजनीति की अपनी चाल होती है और नेता अपने-अपने वोट बैंक को ध्यान में रखकर तमाम तरह की बातें करते हैं और भाषण देते हैं। ET Now ग्लोबल बिजनेस समिट में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने अपनी बात रखी और बताया कि उनके लिए एक भारत का क्या मतलब है। इस मंच से उन्होंने उन लोगों को जवाब दिया जो उत्तर भारत बनाम दक्षिण भारत कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का नाम लिए बिना कहा कि युवराज कहते हैं कि जितनी संख्या उतना हक। उन्होंने इस तरह के विवाद और बातों को दरकिनार किया।
पीयूष गोयल का आइडिया ऑफ भारत
सभी राज्य आपस में जुड़े हुए हैं
ग्रुप एडिटर इन चीफ, टाइम्स नाउ नवभारत एंड टाइम्स नाउ नाविका कुमार से बीतचीत में उन्होंने देश को उत्तर-दक्षिण में बांटने वाले और जितनी संख्या उतना हक का नारा देने वालों को जवाब देते हुए कहा कि देश एक है। पीयूष गोयल ने उदाहरणों के साथ कहा कि जिन राज्यों में कोयला पैदा होता है, अगर वह अन्य राज्यों को कोयला देने से इनकार कर दें तो उन अन्य राज्यों का क्या होगा? इसी तरह तमिलनाडु, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र जैसे तटीय प्रदेश लैंडलॉक राज्यों के सामान को एक्सपोर्ट ही नहीं होने दें तो उनका क्या होगा? उन्होंने कहा, अगर गेहूं-चावल उगाने वाले राज्य अन्य राज्यों को यह अनाज देने से इनकार कर दें तो अन्य राज्यों का क्या होगा? क्या वे जी भी पाएंगे? इस तरह से उन्होंने बताया कि पूरा देश एक है और सभी राज्य एक-दूसरे पर निर्भर हैं।मानव शरीर की तरह से भारत
पीयूष गोयल ने देश की तुलना मानव शरीर से की. उन्होंने बताया कि कैसे अगर कोई पिन पैर में चुभे तो, शरीर के ऊपरी हिस्से में मौजूद मुंह से आह की आवाज आती है, हाथ उसे निकालने के लिए आगे बढ़ते हैं और दिमाग पूरे शरीर को उस पीड़ा से राहत पाने के लिए कोऑर्डिनेट करता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यही हमारे देश भारत की भी खूबसूरती है। उन्होंने भारत को एक बॉडी और आत्मा का मिश्रण बताया। उन्होंने कहा, यही एकता भारत के आइडिया को डिफाइन करता है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लेकिन दुख की बात है कि कुछ नेता और कुछ 100 साल पुरानी पार्टियां और उनके नेता उत्तर-दक्षिण के बीच खाई बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस और उनके समर्थन वाली दक्षिण की कुछ सरकारें कह रही हैं कि उनके टैक्स का पैसा उनका ही है। पीयूष गोयल ने इसे भारत की एकता और अखंडता को बांटने की बहुत ही शर्मनाक हरकत करार दिया।
