India USA Trade Deal : भारत सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर आई रॉयटर्स की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि यह खबर पूरी तरह गलत, बेबुनियाद और भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत लगातार सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ रही है और दोनों देश संतुलित तथा दोनों पक्षों के हित में होने वाले समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पीयूष गोयल ने खारिज की रॉयटर्स की रिपोर्ट
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि जून में नई दिल्ली में उनकी अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर के साथ बेहद सकारात्मक और रचनात्मक बैठक हुई थी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने ऐसे व्यापार समझौते की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति जताई है, जिससे कारोबार, किसानों, कामगारों और उपभोक्ताओं सभी को वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की बातचीत करने वाली टीमें लगातार संपर्क में हैं और समझौते को आगे बढ़ाने के लिए पूरी सक्रियता से काम कर रही हैं।
क्या था रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा?
रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत ने अमेरिका के साथ जल्दबाजी में अंतरिम व्यापार समझौता करने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत बेहतर शर्तों का इंतजार कर रहा है और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहता। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था, नए व्यापारिक समझौते और वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक स्थिति के कारण नई दिल्ली अब किसी भी जल्दबाजी वाले समझौते के पक्ष में नहीं है।
भारत ने दोहराया अपना आधिकारिक रुख
पीयूष गोयल के बयान से साफ हो गया कि भारत सरकार बातचीत टूटने या किसी गतिरोध की बात से सहमत नहीं है। सरकार का कहना है कि दोनों देशों के बीच वार्ता जारी है और लक्ष्य ऐसा समझौता करना है जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए समान रूप से लाभदायक हो। सरकार पहले भी कई बार कह चुकी है कि किसी भी व्यापार समझौते में भारत के राष्ट्रीय हित सर्वोच्च रहेंगे। खासकर कृषि, छोटे उद्योग और घरेलू कारोबार से जुड़े मुद्दों पर कोई ऐसा फैसला नहीं लिया जाएगा जिससे देश के हित प्रभावित हों।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध क्यों हैं अहम?
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और इसका आकार 190 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। दोनों देश लंबे समय से व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इन वार्ताओं में कृषि उत्पादों की बाजार पहुंच, डिजिटल कारोबार, बौद्धिक संपदा, विनिर्माण, निवेश, डेटा से जुड़े नियम और आयात शुल्क जैसे कई अहम मुद्दे शामिल हैं।
