2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित MDR का विरोध, ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

UPI Payment: ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने ₹2,000 से अधिक के UPI पेमेंट पर MDR शुल्क लगाने का विरोध किया है और वित्त मंत्री से इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है।

UPI Payment : ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (AIPDA) ने ₹2,000 से अधिक के यूपीआई (UPI) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के हालिया प्रस्ताव का कड़ा विरोध जताया है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि यह चार्ज लागू होता है, तो इससे पेट्रोल पंप व्यवसाय पर भारी वित्तीय दबाव पड़ेगा। इस मुद्दे को लेकर संगठन के अध्यक्ष अजय बंसल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक औपचारिक पत्र भेजकर प्रस्तावित शुल्क को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

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UPI पेमेंट पर प्रस्तावित चार्ज के फैसले को वापस लेने की मांग

डीजल-पेट्रोल पर कम मार्जिन और बढ़ती परिचालन लागत

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने वित्त मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि पेट्रोलियम डीलर्स पहले से ही बहुत ही सीमित प्रॉफिट मार्जिन (लाभ सीमा) पर काम कर रहे हैं। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें सरकार या तेल कंपनियों द्वारा तय होती हैं, जिसके कारण डीलर्स उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकते। ऐसे में ₹2,000 से ऊपर के डिजिटल भुगतानों पर MDR लागू होने से पेट्रोल पंपों की परिचालन लागत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) काफी बढ़ जाएगी। डीलर्स के अनुसार, ईंधन की कीमतें अधिक होने के कारण ₹2,000 या उससे ज्यादा के डिजिटल लेनदेन पेट्रोल पंपों पर बेहद सामान्य हैं, खासकर चार पहिया वाहनों और भारी वाणिज्यिक वाहनों में ईंधन भराते समय।

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