दुनियाभर में 35% तक बढ़े पेट्रोल के दाम, हॉन्गकॉन्ग में ₹295 तो भारत में सिर्फ ₹95 कैसे?

दुनियाभर में पेट्रोल की कीमतें 35% तक बढ़ चुकी हैं और हॉन्गकॉन्ग जैसे शहरों में यह ₹295 प्रति लीटर बिक रहा है। इसके बावजूद भारत में दाम ₹95 के करीब स्थिर हैं। आइए जानते हैं भारत में पेट्रोल के दाम कैसे स्थिर हैं?

आज पूरी दुनिया एक गंभीर ऊर्जा संकट (Energy Crisis) से जूझ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने विकसित देशों से लेकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं तक की कमर तोड़ दी है। जहां एक ओर यूरोप और एशिया के संपन्न देशों में पेट्रोल (Petrol) की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भारत में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत बनी हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनिया के कई देशों में पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल के दामों में 20% से 35% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि भारत में 28 फरवरी के बाद से कीमतों में स्थिरता देखी गई है।

Petrol Diesel Rates

दुनिया के आंकड़ों में 'पेट्रोल की आग'

वैश्विक स्तर पर पेट्रोल की कीमतों की तुलना करें तो हॉन्गकॉन्ग इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां एक लीटर पेट्रोल के लिए लोगों को ₹295 तक चुकाने पड़ रहे हैं। यहां फरवरी के बाद से कीमतों में 25% का उछाल आया है। इसी तरह सिंगापुर में पेट्रोल ₹240 और नीदरलैंड में ₹225 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। विकसित यूरोपीय देशों जैसे नॉर्वे, जर्मनी, फ्रांस और यूके में भी कीमतें ₹195 से ₹215 के बीच झूल रही हैं। इन देशों में बढ़ोतरी की दर 22% से लेकर 30% तक रही है। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा स्पेन और जापान का है, जहां कीमतों में 34% और 35% तक की वृद्धि हुई है।

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