Reasonable Cap on Air Fares: आपने अक्सर देखा होगा कि मांग ज्यादा होने की वजह से फ्लाइट्स की टिकट बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं। जिसकी वजह से आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ जाता है। ऐसी स्थिती को रोकने के लिए संसदीय पैनल ने गुरुवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय को आम आदमी के लिए हवाई परिवहन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी एयरलाइनों के किराए पर लिमिट लागू करनी चाहिए।
फ्लाइट
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मंत्रालय को सभी एयरलाइनों को 'प्राइस लॉक' विकल्प लागू करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक तंत्र भी तैयार करना चाहिए, जिसमें ग्राहक कुछ चार्ज दे कर या उसके बिना भी अपनी सीट रिजर्व कर सकें। इससे ग्राहकों को टिकट एडवांस पेमेंट किए बिना सीटें रिजर्व करने में मदद मिलेगी।
इन बातों को रखा जाए ध्यान
वाईएसआरसीपी सांसद वी विजयसाई रेड्डी के नेतृत्व वाले पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "नागरिक उड्डयन मंत्रालय को ऑपरेशन की लागत, सेवा की विशेषताएं, उचित लाभ और आम तौर पर प्रचलित टैरिफ जैसे सभी प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए सभी एयरलाइनों पर उचित ऊपरी किराया सीमा लागू करनी चाहिए।एयरलाइंस, जनता दोनों के लिए कीमतों को तय करना जरूरी
31 सदस्यीय समिति ने कहा कि एयरलाइंस और जनता दोनों के हितों की रक्षा के लिए कीमतों को तय रखना आवश्यक है। समिति ने यह भी कहा कि भारतीय रेलवे की तरह, एयरलाइंस को सीट-वार किराया प्रदर्शित करना चाहिए जो ग्राहकों को पारदर्शिता प्रदान करेगा, जिससे हवाई किराया प्रणाली अधिक विश्वसनीय और भरोसेमंद बन जाएगी।
