Paperless Service Records: केंद्र सरकार ने पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में ई-सर्विस बुक (e-Service Book) लागू करने का आदेश जारी किया है। इसके तहत अब प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की सर्विस संबंधी जानकारी e-HRMS 2.0 पोर्टल पर डिजिटल रूप में दर्ज की जाएगी और यही रिकॉर्ड आधिकारिक रूप से मान्य होगा।
पेपरलेस होंगे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड (तस्वीर-istock)
ई-सर्विस बुक क्या है और यह क्यों जरूरी है?
सरकारी नौकरी में किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति से लेकर रिटायरमेंट तक की जानकारी 'सर्विस बुक' में दर्ज होती है। इसमें प्रमोशन, ट्रांसफर, वेतन संशोधन, छुट्टियां और अन्य प्रशासनिक डिटेल होते हैं। पहले यह रिकॉर्ड पेपर पर लिखा जाता था, जिससे डेटा की सुरक्षा, ट्रैकिंग और ट्रांसफर में कई समस्याएं आती थीं। अब इसे पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ जानकारी सुरक्षित रहेगी, बल्कि किसी भी समय, कहीं से भी एक्सेस की जा सकेगी। इससे कर्मचारियों और विभागों दोनों को ही अधिक सुविधा मिलेगी।
सभी मंत्रालयों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश
कार्मिक विभाग ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं।
- सभी कर्मचारियों की सर्विस बुक e-HRMS 2.0 पोर्टल पर तुरंत दर्ज की जाएं।
- डेटा का पूरी तरह सत्यापन और अपडेट किया जाए।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद भौतिक सर्विस बुक को धीरे-धीरे समाप्त किया जाए।
- ई-सर्विस बुक को आधिकारिक रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी जाए।
यह कदम न केवल ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को मजबूती देगा, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता को भी बढ़ावा देगा।
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए हाल ही में उठाए गए अन्य बड़े कदम
CGHS (केंद्रीय स्वास्थ्य योजना) में सुधार
सरकार ने CGHS में कई बदलाव किए हैं। अधिक निजी अस्पतालों को जोड़ा गया है और पेंशनर्स के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा को मजबूत किया गया है।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापसी का विकल्प
कुछ केंद्रीय सेवाओं में कर्मचारियों को NPS से OPS में लौटने का विकल्प दिया गया है, विशेषकर सेवा के दौरान मृत्यु या स्थायी अपंगता के मामलों में।
महंगाई भत्ता (DA) में वृद्धि
जनवरी 2025 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 2% बढ़ाया गया, जिससे वर्तमान दर 48% हो गई है। इससे महंगाई के असर को कम करने में मदद मिलती है।
अब निगाहें 8वें वेतन आयोग पर
वित्त वर्ष 2025-26 में 8वां वेतन आयोग घोषित होने की संभावना है। कर्मचारी संगठनों की ओर से लगातार इसकी मांग की जा रही है। इसके लागू होने पर मूल वेतन में वृद्धि, भत्तों की रिस्ट्रक्चर और DA का बेसिक में विलय जैसे बड़े बदलाव हो सकते हैं। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह आयोग 2026 या उसके बाद ही लागू हो सकता है, लेकिन सरकार स्तर पर इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।
डिजिटल बदलाव अब जरूरी
ई-सर्विस बुक का क्रियान्वयन सरकारी प्रशासन में एक स्वागत योग्य परिवर्तन है। इससे न केवल कर्मचारियों के रिकॉर्ड को मैनेज करना आसान होगा, बल्कि प्रमोशन और ट्रांसफर जैसी प्रक्रियाओं में भी समय की बचत होगी। CGHS में सुधार, OPS विकल्प DA वृद्धि और संभावित 8वां वेतन आयोग ये सभी कदम इस बात का संकेत हैं कि सरकार कर्मचारियों के कल्याण और पेंशनर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
