PAN Rules Explained: इन लेनदेन में PAN देना है अनिवार्य, वरना पड़ सकता है भारी जुर्माना

अगर आप PAN कार्ड होल्डर हैं तो यह खबर आपके लिए है। हम आपको बता रहे हैं कि पैन कार्ड का इस्तेमाल करने में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

PAN Rules Explained: भारत में PAN (Permanent Account Number) सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि यह अब आपके फाइनेंशियल जीवन की पहचान बन चुका है। इनकम टैक्स विभाग ने धोखाधड़ी और ब्लैक मनी पर लगाम लगाने के लिए कई लेनदेन में PAN देना अनिवार्य कर दिया है। लेकिन कई लोग अब भी नहीं जानते कि किन-किन लेनदेन में PAN देना अनिवार्य है। आयकर विभाग ने आयकर नियमों के नियम 114B के तहत, ऐसे लेन-देन की एक विस्तृत सूची जारी करके यह स्पष्ट किया है कि किन-किन मामलों में PAN बताना अनिवार्य है। अगर आपने नियमों को नहीं मानते हैं तो भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।

Pan Car Rule

पैन कार्ड के नियम

किन मामलों में PAN बताना अनिवार्य है?

  • आयकर विभाग के अनुसार, कई तरह के वित्तीय और बड़े लेन-देन में PAN देना अनिवार्य है। इनमें शामिल हैं:
  • बैंक खाता खोलना (बेसिक सेविंग्स अकाउंट और कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट को छोड़कर)
  • क्रेडिट या डेबिट कार्ड के लिए अप्लाई करना
  • डीमैट खाता खोलना
  • ज्यादा रकम वाले कैश ट्रांजैक्शन: होटल या रेस्टोरेंट में एक ही बिल पर 50,000 रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट
  • विदेश यात्रा या विदेशी करेंसी खरीदने के लिए 50,000 रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट
  • बैंकों या को-ऑपरेटिव बैंकों में एक ही दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा का कैश जमा करना
  • अगर आप वित्तीय साधनों में निवेश कर रहे हैं या पैसे जमा कर रहे हैं, तो इन मामलों में PAN जरूरी है:
  • म्यूचुअल फंड में 50,000 रुपये से ज्यादा का निवेश
  • 50,000 रुपये से ज्यादा के बॉन्ड या डिबेंचर की खरीद
  • 50,000 रुपये से ज्यादा के RBI बॉन्ड की खरीद
  • 50,000 रुपये से ज्यादा की टाइम डिपॉजिट या एक वित्तीय वर्ष में कुल मिलाकर 5 लाख रुपये से ज्यादा की डिपॉजिट
  • एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये से डिपॉजिट के जीवन बीमा प्रीमियम का भुगतान
  • वॉलेट जैसे प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए सालाना ₹50,000 से ज्यादा के पेमेंट
  • बैंक ड्राफ्ट, पे ऑर्डर या बैंकर चेक के लिए एक दिन में ₹50,000 से ज्यादा का कैश पेमेंट

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