OROP Pension Table: मोदी सरकार ने हाल ही में रक्षा बलों के कर्मियों और परिवार पेंशनधारकों के लिये ‘वन रैंक, वन पेंशन' के प्रावधानों में संशोधन के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी दी है। पूर्व सैनिक इसकी मांग काफी समय से कर रहे थे। इसे लेकर पूर्व सैनिक सुप्रीम कोर्ट कर जा चुके हैं। हालांकि सरकार ने जो अभी फैसला लिया है, उससे भी पूर्व सैनिक ज्यादा खुश नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा है कि उनकी मांग और सरकार के फैसले के बीच 10 प्रतिशत का अंतर है। उनका दावा है कि यह 2014 की घोषणा से अभी भी दूर है।
‘वन रैंक, वन पेंशन' में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी
किसे होगा फायदा
इसका लाभ परिवार पेंशनधारकों के साथ युद्ध में शहीद होने वाले जवानों की विधवाओं और दिव्यांग पेंशनधारकों को भी मिलेगा। इसके कारण सरकारी कोष पर प्रति वर्ष 8450 करोड़ रूपये का भार पड़ेगा । इसे एक जुलाई, 2019 से लागू किया जाएगा।
मिलेगा बकाया भी
इसके तहत जुलाई 2019 से जून 2022 तक की अवधि का एरियर या बकाया भी दिया जायेगा, जिसके मद में 23,638.07 करोड़ रूपये की राशि बनती है। इसका लाभ सभी रक्षा बलों से सेवानिवृत होने वाले और परिवार पेंशनधारकों को मिलेगा।
किसे कितना होगा फायदा
जो सैन्यकर्मी 30 जून 2019 तक सेवानिवृत्त हुए हैं उन्हें इस संशोधन के तहत कवर किया जाएगा। हालांकि जिन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट लिया है, वो इसके दायरे में नहीं होंगे। देखिए टेबल
चार किश्तों में मिलेगा बकाया
इसमें कहा गया है कि बकाये का भुगतान चार छमाही किस्तों में किया जाएगा। हालांकि, विशेष/उदारीकृत पारिवारिक पेंशन पाने वालों और वीरता पुरस्कार विजेताओं सहित सभी पारिवारिक पेंशनधारकों को एक किस्त में बकाये का भुगतान किया जाएगा। बयान के अनुसार, अनुमानित वार्षिक वित्तीय प्रभाव की गणना 8450.04 करोड़ रुपये की गई है जो 31 प्रतिशत महंगाई राहत के रूप में है।
भाषा से इनपुट के साथ
