अगर आप आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) में पैसा लगाते हैं तो यह खबर आपके लिए है। दो सरकारी कंपनियों का आईपीओ आने जा रहा है। बता दें कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स और महानदी कोलफील्ड्स का आईपीओ आने जा रहा है। कोल इंडिया के चैयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बी साईराम ने सोमवार को कहा कि उसकी दो सबसे बड़ी अनुषंगी कंपनियों - एसईसीएल और एमसीएल के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) चालू वित्त वर्ष के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। साईराम ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इसका सटीक समय बाजार की स्थितियों और सरकारी निर्देशों पर निर्भर करेगा।
आईपीओ
उन्होंने कहा कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के संबंध में, हमारी योजना निश्चित रूप से साल के अंत तक इन्हें पूरा करने की है। इनका आईपीओ चालू वित्त वर्ष में ही पूरा किया जाएगा। तारीख बाजार की स्थितियों और सरकारी निर्देशों आदि पर निर्भर करेगी। कोल इंडिया (सीआईएल) के निदेशक मंडल ने मार्च में बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये एसईसीएल और एमसीएल में 25 प्रतिशत तक की इक्विटी हिस्सेदारी के विनिवेश के साथ ही आईपीओ के जरिये एसईसीएल के नए इक्विटी शेयर जारी करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।
20 हजार करोड़ जुटाने की तैयारी
उन्होंने कहा कि एमसीएल के प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम का मूल्य लगभग 10,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्गम के आकार और संरचना को पेशकश के वक्त अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि एसईसीएल का आईपीओ भी 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का होने की उम्मीद है। इस साल की शुरुआत में सीआईएल की दो अन्य इकाइयों - भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टिट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) के सार्वजनिक निर्गम आए थे।
साईराम ने 20 जून, 2026 को भारत की पहली वाणिज्यिक कोयला गैसीकरण परियोजना के शिलान्यास का भी उल्लेख किया, जिसे बीएचईएल के साथ सीआईएल के संयुक्त उद्यम भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है और इसकी वार्षिक क्षमता 6.6 लाख टन अमोनियम नाइट्रेट की होगी।
