OPEC Plus Crude Oil:सऊदी अरब की अगुवाई में तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के कुछ सदस्य और रूस जैसे देश कच्चे तेल के उत्पादन में स्वैच्छिक कटौती को और आगे बढ़ा रहे हैं।बहुराष्ट्रीय संगठन के सचिवालय ने रविवार को बताया कि कई ओपेक प्लस देशों ने उत्पादन में प्रतिदिन लगभग 22 लाख बैरल की अतिरिक्त कटौती का फैसला किया है। इसके तहत सऊदी अरब ने अपनी 10 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती को 2024 की दूसरी तिमाही के अंत तक बढ़ाने का फैसला किया है।ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि उत्पादन में कटौती के इस विस्तार का मतलब है कि सऊदी अरब जून के अंत तक प्रतिदिन 90 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करेगा।इसके अलावा रूस ने भी रविवार को दूसरी तिमाही में स्वैच्छिक रूप से प्रतिदिन 4,71,000 बैरल की अतिरिक्त कटौती की घोषणा की है। ओपेक का कहना है कि इराक, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान में भी छोटी मात्रा में कटौती जारी रखेंगे।
कच्चे तेल के उत्पादन में जारी रहेगी कटौती
क्यों की गई कटौती
ओपके प्लस भले ही कटौती को बरकरार रखे हुए हैं, लेकिन प्रमुख तेल उत्पादक अमेरिका प्रोडक्शन में इजाफा कर रहा है। इसके अलावा यूरोप, चीन समेत दुनिया के कई देशों के इकोनॉमिक आंकड़ें उम्मीद के अनुसार नहीं है। इकोनॉमी में सुस्ती है,. जिसकी वजह से डिमांड काफी कम है। इसके अलावा यह साल दुनिया के तमाम देशों में चुनाव का भी गवाह होगा। इसी वजह से कीमतों पर ज्यादा असर की आशंक नहीं है। खाड़ी देशों का कच्चा तेल यानी ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 83.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. जबकि अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 79.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। साफ है कि ओपेक प्लस के फैसले का ज्यादा असर नहीं हुआ है।
कीमतों में इजाफे की उम्मीद नहीं
इसके अलावा जिस तरह चुनाव की सरगर्मियां हैं, उसे देखते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। भाररत में आखिरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमत 21 मई 2022 में कम हुई थी।. उस वक्त देश की वित्त मंत्री सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में कटौती की थी। जिसके बाद से अभी तर कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
