Sensex Top Performer : मार्केट कैप के हिसाब से देश की 30 सबसे बड़ी कंपनियां के इंडेक्स Sensex की आधिकारिक तौर पर शुरुआत 1 जनवरी, 1986 को हुई। 1991 में देश में आर्थिक उदारवाद की शुरुआत हुई और भारत फ्री मार्केट इकोनॉमी की तरफ बढ़ा। 1991 से 2026 तक 35 साल बीत चुके हैं। इस दौरान सिर्फ 7 कंपनियां ऐसी रहीं, जो लगातार सेंसेक्स में अपनी जगह बनाए रख पाई हैं।
सेंसेक्स में 35 साल से टिकी हैं ये कंपनियां
अक्सर निवेशक मानते हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस दौरान सबसे ज्यादा रिटर्न दिया होगा। लेकिन, असल में महिंद्रा एंड महिंद्रा निवेशकों को रिटर्न देने में सबसे आगे है। 1991 से 2026 तक के टाइमफ्रेम पर देखें, तो महिंद्री ने 3,249 गुना यानी करीब 3,24,900% का रिटर्न दिया है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 968 गुना यानी करीब 96,800% का रिटर्न दिया है।
कौनसी हैं ये 7 कंपनियां?
35 साल से लगातार सेंसेक्स् में टिकी रहने वाली कंपनियों में टाटा स्टील (Tata Steel) रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) टाटा मोटर्स (Tata Motors), हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever), ITC, लार्सेन एंड ट्यूब्रो (L&T) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) शामिल हैं। Capitaline और BSE के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। इन कंपनियों की यह शानदार यात्रा बताती है कि भारत के आर्थिक उदारीकरण के बाद बदलती अर्थव्यवस्था के बीच इन कंपनियों ने खुद को लगातार बदला और निवेशकों के लिए लंबी अवधि में शानदार वैल्यू बनाई।
कौनसी कंपनी सबसे बड़ी वेल्थ क्रिएटर?
35 साल की अवधि में Mahindra & Mahindra निवेशकों के लिए सबसे बड़ी वेल्थ क्रिएटर साबित हुई है। कंपनी का मार्केट कैप 1991 में करीब 130 करोड़ रुपये था, जो जुलाई 2026 तक बढ़कर 4.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इस दौरान कंपनी का CAGR 25.7% रहा, जो सातों कंपनियों में सबसे अधिक है। इसके बाद दूसरे स्थान पर Reliance Industries रही। कंपनी का मार्केट कैप करीब 1,826 करोड़ रुपये से बढ़कर 17.69 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसका वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) 21.5% रही।
| कंपनी | CAGR | लगभग कितनी गुना बढ़ी |
|---|---|---|
| Mahindra & Mahindra | 25.7% | 3,249× |
| Reliance Industries | 21.5% | 968× |
| Larsen & Toubro | 20.1% | 638× |
| ITC | 18.4% | 390× |
| Hindustan Unilever | 17.7% | 319× |
| Tata Motors (Passenger Vehicles) | 12.8% | 70× |
| Tata Steel | 12.5% | 65× |
आखिर इन कंपनियों में ऐसा क्या था?
इन सात कंपनियों की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि समय के साथ खुद को बदलने की क्षमता रही। इन कंपनियों नए सेक्टरों में विस्तार किया। इसके साथ ही बदलती टेक्नोलॉजी को अपनाया और मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस के साथ लगातार निवेश और नवाचार के जरिये आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद बिजनेस को टिकाऊ बनाए रखा। इसी वजह से ये कंपनियां तीन दशक से ज्यादा समय तक Sensex में अपनी जगह बचाए रखने में सफल रहीं, जबकि 1991 की कई दूसरी बड़ी कंपनियां समय के साथ इंडेक्स से बाहर हो गईं।
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