OPS vs CPS: आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के कुछ सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) में वापस जाने का एक बार का मौका दिया है। यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए है, जो पहले से अंशदायी पेंशन योजना (Contributory Pension Scheme) के तहत आ रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि यह विकल्प केवल एक बार दिया जा रहा है और कर्मचारी एक बार OPS चुनने के बाद दोबारा CPS में वापस नहीं जा सकेंगे। राज्य सरकार ने 13 जुलाई 2026 को जारी एक सर्कुलर में इस संबंध में जानकारी दी है। हालांकि, जो कर्मचारी CPS में ही बने रहना चाहते हैं, वे अपनी मौजूदा पेंशन व्यवस्था जारी रख सकते हैं।
पुरानी पेंशन योजना चुनने का मौका
किन कर्मचारियों को मिलेगा OPS में जाने का मौका?
आंध्र प्रदेश सरकार के अनुसार, यह विकल्प उन कर्मचारियों को दिया गया है जिनकी भर्ती प्रक्रिया 1 सितंबर 2004 से पहले शुरू हुई थी। यानी जिन पदों के लिए भर्ती विज्ञापन या नोटिफिकेशन 1 सितंबर 2004 से पहले जारी किया गया था, लेकिन उनकी नियुक्ति या ज्वाइनिंग 1 सितंबर 2004 या उसके बाद हुई। ऐसे कर्मचारियों को नियुक्ति के समय CPS के दायरे में रखा गया था। बाद में कई कर्मचारियों ने सरकार से मांग की थी कि उन्हें पुरानी पेंशन योजना में जाने का अवसर दिया जाए। कर्मचारियों की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने यह एकमुश्त विकल्प देने का फैसला किया है। बता दें कि आंध्र प्रदेश में CPS योजना 1 सितंबर 2004 से लागू की गई थी। इससे पहले केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू की थी।
OPS चुनने के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?
आंध्र प्रदेश सरकार ने OPS में शामिल होने के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं। केवल वही कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे, जो इन नियमों को पूरा करते हों। पहली शर्त यह है कि कर्मचारी की भर्ती के लिए जारी विज्ञापन या नोटिफिकेशन 1 सितंबर 2004 से पहले का होना चाहिए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती नोटिफिकेशन की तारीख ही यह तय करने का आधार होगी कि कर्मचारी OPS के लिए पात्र है या नहीं। दूसरी शर्त के अनुसार, उस भर्ती प्रक्रिया के तहत कर्मचारी की नियुक्ति 1 सितंबर 2004 या उसके बाद हुई होनी चाहिए। साथ ही कर्मचारी वर्तमान समय में CPS के तहत होना चाहिए। कर्मचारी को अपनी पात्रता साबित करने के लिए नियुक्ति आदेश और ज्वाइनिंग से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
तीन महीने के अंदर करना होगा आवेदन
जो कर्मचारी OPS का विकल्प चुनना चाहते हैं, उन्हें सरकार की ओर से निर्धारित फॉर्म में आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर अपना विकल्प देना होगा। हालांकि, सरकार जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे बढ़ाने का फैसला भी कर सकती है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि OPS चुनने का फैसला अंतिम होगा। यानी एक बार कर्मचारी ने पुरानी पेंशन योजना का विकल्प चुन लिया तो वह इसे वापस नहीं बदल पाएगा।
विकल्प नहीं चुनने वाले कर्मचारी CPS में रहेंगे
राज्य सरकार ने कहा है कि जो कर्मचारी तय समय सीमा के अंदर OPS का विकल्प नहीं देंगे, वे पहले की तरह CPS के तहत बने रहेंगे। सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह सुविधा केवल उन कर्मचारियों के लिए एक विशेष और एक बार दिया गया अवसर है, जो तय शर्तों को पूरा करते हैं। इसे भविष्य में अन्य कर्मचारियों या दूसरी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
केंद्र सरकार के फैसले की तर्ज पर लिया गया निर्णय
आंध्र प्रदेश सरकार का यह फैसला केंद्र सरकार के मार्च 2023 के निर्णय की तर्ज पर माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने भी उन कर्मचारियों को NPS से OPS में जाने का विकल्प दिया था, जिनकी भर्ती प्रक्रिया 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हुई थी, लेकिन उनकी नियुक्ति बाद में हुई थी। अब आंध्र प्रदेश सरकार ने भी इसी तरह राज्य के CPS कर्मचारियों को राहत देने का कदम उठाया है।
जल्द जारी होंगी विस्तृत गाइडलाइन
सरकार ने बताया है कि OPS विकल्प चुनने की प्रक्रिया, आवेदन का तरीका और CPS में जमा कर्मचारियों के पेंशन फंड के प्रबंधन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। इसके लिए वित्त विभाग और कोषागार एवं लेखा निदेशालय की ओर से अलग से प्रक्रिया जारी की जाएगी। आंध्र प्रदेश सरकार के इस फैसले से उन कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने की मांग कर रहे थे। हालांकि, लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो सरकार द्वारा तय सभी पात्रता शर्तों को पूरा करेंगे।
